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पाकिस्तान में आत्मघाती हमला, 11 जवानों की मौत
Updated Thu, 13 Feb 2014 04:41 PM IST
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पाकिस्तान के दक्षिणी शहर कराची में एक संदिग्ध आत्मघाती बम धमाके में कम से कम 11 पुलिस जवानों की मौत हो गई है।
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स्थानीय मीडिया के मुताबिक़ ये हमला पुलिस के एक वाहन को निशाना बनाकर किया गया। हमले में पुलिस और स्थानीय लोगों को मिलाकर क़रीब 47 लोग घायल हुए हैं।
यह हमले ऐसे समय हो रहे हैं जब पाकिस्तान सरकार देश के उत्तर-पूर्व में स्थानीय तालिबान लड़ाकों के साथ शांति समझौता करना चाहती है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुनीर शेख ने संवाददाताओं को बताया कि यह हमला गुरुवार तड़के हुआ।
उन्होंने बताया, "प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक़ यह एक आत्मघाती कार हमला था जिसमें विस्फोटकों से लदी एक कार पुलिस अधिकारियों को लेकर जा रही बस से टकरा गई। अभी तक 11 पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है।"
घायल
पुलिस की विशेष जांच इकाई के प्रमुख फ़ारूख़ अवान ने बताया कि बस ट्रेनिंग सेंटर से निकलने के बाद यू-टर्न ले रही थी, तभी एक छोटी वैन उससे जा भिड़ी।
कराची के जिन्ना अस्पताल के डॉक्टर सेमी जमाली ने बताया कि उन्हें 11 शव मिले हैं। उन्होंने कहा कि कम से कम 47 घायल अधिकारियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनमें से दस की हालत काफ़ी गंभीर है।
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अभी तक किसी भी संगठन ने इन धमाकों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। कराची पाकिस्तान के बड़े शहरों में एक है और यहां की आबादी क़रीब 1.8 करोड़ है। पिछले कई वर्षों से यह शहर साम्प्रदायिक, नस्लीय और राजनीतिक हिंसा से जूझ रहा है।
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इससे पहले रविवार को मोटरसाइकिल पर सवार बंदूक़धारियों ने एक बच्ची सहित आठ लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
हमलों में तेजी
उत्तर-पूर्वी पाकिस्तान के शहर पेशावर में बुधवार को चरमपंथियों ने तालिबान विरोधी नौ लड़ाकों को मार दिया था और मंगलवार को हमलावरों ने एक सिनेमाघर पर हथगोला फेंका जिसमें 13 लोग मारे गए।
प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने 29 जनवरी को तालिबान के साथ बातचीत शुरू करने की घोषणा करते हुए कहा था कि वो "शांति के लिए एक और मौक़ा" देना चाहते हैं।
हालांकि उनकी इस घोषणा के बाद से पाकिस्तान में इसे मिलाकर अब तक 11 हमले हो चुके हैं। इससे पहले पाकिस्तानी तालिबान ने सुरक्षा बलों पर हुए कई हमलों में शामिल होने की बात मानी है।
समाचार एजेंसी एएफ़पी के मुताबिक़ पाकिस्तान में बीती जनवरी में घातक हमलों के दौरान 114 लोग मारे गए और नवाज़ शरीफ़ ने जबसे शांति-वार्ता की घोषणा की है, तबसे 60 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।