पढ़िए, पेशावर में हुए हमले की 5 मुख्य बातें
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पाकिस्तान में पेशावर शहर के एक आर्मी स्कूल पर तालिबान के हमले में कुल 141 लोग मारे गए हैं जिनमें 132 बच्चे हैं और नौ स्कूल के स्टाफ हैं।
पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने लगभग दिनभर चली कार्रवाई के बाद छह हमलावरों को मार गिराया और स्कूल को अपने कब्ज़े में ले लिया है।
1- हमलावर स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे आर्मी की वर्दी पहने स्कूल में दाखिल हुए। जबतक स्कूल के कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड कुछ समझ पाते हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। एक भुक्तभोगी ने बताया कि उसने ऐसे दिखाया, जैसे मर गई हो तब जाकर जान बच पाई।
2- हमलावर एक-एक कमरे में जाकर बच्चों पर गोलियां बरसा रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने जियो टीवी को बताया कि उस दौरान स्कूल के ऑडिटोरियम में फौज के प्रशिक्षक बच्चों को प्राथमिक चिकित्सा की ट्रेनिंग दे रहे थे।
किसने हमले को जायज ठहराया
3- हमले के बाद फौज के जवानों ने स्कूल को चारों ओर से घेर लिया और सारे रास्ते बंद कर दिए। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है। तालिबान प्रवक्ता मुहम्मद खुरासनी ने स्कूल पर हमले को जायज ठहराया। खुरासनी ने कहा उत्तरी वजीरिस्तान और खैबर इलाकों में चल रही फौजी कार्रवाइयों में उनके कबीलों के मासूम बच्चे और औरतें मारे जा रहे हैं।
4- सेना ने 500 छात्र-छात्राओं को सुरक्षित निकाल लिया था। पेशावर पहुचकर पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और कहा कि पाकिस्तान की जमीन से आतंकवाद का पूरी तरह खात्मा कर देंगे।
5- घंटों चले इस अभियान में सुरक्षाबलों को स्कूल में बिछे विस्फोटकों के कारण आगे बढ़ने में परेशानी का सामना करना पड़ा। चरमपंथियों के मारे जाने के बाद सेना ने सबसे पहले सभी विस्फोटकों को हटाकर स्कूल को अपने कब्जे में लिया।