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उत्तरी वजीरिस्तान में मदरसे बने आतंक का अड्डा: सरताज
एजेंसी/वाशिंगटन।
Updated Sat, 05 Mar 2016 08:42 PM IST
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suicide bomber
- फोटो : Reuters
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेश मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने कहा है कि अफगान पाक सीमा और कबायली इलाकों, खासतौर पर उत्तरी वजीरिस्तान के आसपास स्थित मदरसे आतंकी गतिविधियों का केंद्र बन गए हैं। उन्होंने इसके लिए अफगान शरणार्थियों को जिम्मेदार ठहराया, जो 9/11 के बाद अमेरिका द्वारा तालिबान को सत्ता से बेदखल किए जाने के पश्चात देश में घुस आए।
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अजीज ने रक्षा लेखकों के एक समूह से कहा कि इन मदरसों के पास कल्पना से परे आतंक का सुगमता से चलने वाला ढांचा है। यह बम बनाने के कारखाने चला रहे हैं। यहां आतंकवादियों के प्रशिक्षण केंद्र हैं और इनमें फिदायीन हमलावरों को प्रशिक्षण दिया जाता है। यह सब मस्जिद के अंदर बहु मंजिला तहखाने में होता है।
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उन्होंने कहा, मुझे याद है कि मैं मिरानशाह में एक मस्जिद में गया था, बाहर से हमें कुछ नहीं दिखा। लेकिन अंदर 70 कमरों का तीन मंजिला तहखाना था। उसमें चार-पांच आईईडी कारखाने, चार-पांच फिदायीन प्रशिक्षण केंद्र, संचार नेटवर्क, वीआईपी कमरे, कांफ्रेंस रूम, अद्भुत बुनियादी ढांचा था। अजीज ने अनुमान जताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में इस तरह के बुनियादी ढांचे वाली 30-40 मस्जिदें हैं। पाकिस्तानी सेना ने उत्तरी वजीरिस्तान में जून 2014 में ऑपरेशन जर्ब-ए-अज्ब शुरू किया था।
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