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पाक ने पहली बार माना, आतंकी सरगना मसूद पाकिस्तान में ही है
Fri, 01 Mar 2019 09:50 PM IST
तिवारी अभिषेक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: तिवारी अभिषेक
Updated Fri, 01 Mar 2019 09:50 PM IST
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पाक विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी
- फोटो : PTI
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पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिए एक साक्षात्कार में पहली बार सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि मसूद अजहर पाक में मौजूद है और वह बेहद बीमार है। उन्होंने कहा कि ‘वह इन दिनों बीमारी से तड़प रहा है और उसकी ये हालत है कि वह अपने घर से बाहर नहीं निकल सकता है।’
कुरैशी का इंटरव्यू ले रही पत्रकार क्रिस्टीन अमनपोर ने जब उनसे पूछा कि क्या मसूद पाक में है? तो कुरैशी बोले ‘हां, वह यहीं है।’ जब उनसे पूछा गया कि पाक उसे गिरफ्तार क्यों नहीं करता? तो कुरैशी बोले, ‘वह इतना ज्यादा बीमार है कि अपने घर से बाहर तक नहीं निकल सकता है।’ बता दें कि मसूद उसी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का सरगना है जिसने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। इस पर कुरैशी ने बेशर्मी से कहा कि पाक की मंशा तनाव बढ़ाने की नहीं रही है लेकिन भारत के हमले की वजह से तनाव बढ़ा है।
मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की सूची में डालने के मुद्दे पर कुरैशी ने कहा, ‘हम लोग ऐसा कोई भी कदम उठाने को तैयार हैं जिससे तनाव कम होता है, यदि भारत के पास अच्छे व ठोस सबूत हैं तो बैठिए और बात करिए। लेकिन कृपया बातचीत की शुरुआत करिए, हम भी वाजिब तरीके से पेश आएंगे।’
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कुरैशी का इंटरव्यू ले रही पत्रकार क्रिस्टीन अमनपोर ने जब उनसे पूछा कि क्या मसूद पाक में है? तो कुरैशी बोले ‘हां, वह यहीं है।’ जब उनसे पूछा गया कि पाक उसे गिरफ्तार क्यों नहीं करता? तो कुरैशी बोले, ‘वह इतना ज्यादा बीमार है कि अपने घर से बाहर तक नहीं निकल सकता है।’ बता दें कि मसूद उसी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन का सरगना है जिसने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमला करने की जिम्मेदारी ली है। इस पर कुरैशी ने बेशर्मी से कहा कि पाक की मंशा तनाव बढ़ाने की नहीं रही है लेकिन भारत के हमले की वजह से तनाव बढ़ा है।
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मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित अंतरराष्ट्रीय आतंकवादियों की सूची में डालने के मुद्दे पर कुरैशी ने कहा, ‘हम लोग ऐसा कोई भी कदम उठाने को तैयार हैं जिससे तनाव कम होता है, यदि भारत के पास अच्छे व ठोस सबूत हैं तो बैठिए और बात करिए। लेकिन कृपया बातचीत की शुरुआत करिए, हम भी वाजिब तरीके से पेश आएंगे।’
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पाक अदालत के लिए पुराना राग अलापा
जब पाक विदेश मंत्री से पूछा गया कि मसूद अजहर की वजह से भारत-पाक में इतना तनाव रहता है, फिर भी आप कुछ क्यों नहीं करते? इसके जवाब में कुरैशी ने पुराना राग अलापते हुए कहा, ‘भारत ऐसे ठोस सबूत दे जो पाक अदालतों को मंजूर हों, क्योंकि मामला तो अदालत में ही जाएगा।
यदि सबूत हैं तो हमसे साझा करें ताकि हम पाक जनता को राजी कर सकें, और अपने देश की स्वतंत्र न्यायपालिका को संतुष्ट कर सकें।’ जब कुरैशी से पूछा गया कि क्या आपको हमलों में उनकी भूमिका को लेकर संदेह है? तो पाक विदेश मंत्री ने कहा, ‘बात मेरे शक करने या न करने की नहीं है, मामले को अदालत में जाना है।’
यदि सबूत हैं तो हमसे साझा करें ताकि हम पाक जनता को राजी कर सकें, और अपने देश की स्वतंत्र न्यायपालिका को संतुष्ट कर सकें।’ जब कुरैशी से पूछा गया कि क्या आपको हमलों में उनकी भूमिका को लेकर संदेह है? तो पाक विदेश मंत्री ने कहा, ‘बात मेरे शक करने या न करने की नहीं है, मामले को अदालत में जाना है।’