पेशावरः बंदूकों से बच्चों का हौसला टूटा नहीं...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में पेशावर के सैनिक स्कूल के बाहर लंबे सन्नाटे के बाद एक बार फिर से गहमा-गहमी शुरू हो गई है।वो स्कूल फिर से खुल गया है जहां पिछले महीने चरमपंथी हमला हुआ था।
झकझोर देने वाली इस बर्बर हमले में 140 से ज्यादा स्कूली बच्चे और शिक्षक मारे गए थे। इसके बाद सवाल उठाया जा रहा था कि भयानक हिंसा देखने वाले बच्चे क्या कभी इस मानसिक आघात से पूरी तरह उबर पाएंगे? लेकिन सोमवार को उसी स्कूल के बच्चे नए उत्साह और ऊर्जा से लैस होकर स्कूल जाने के लिए तैयार दिखे।
बच्चों के मजबूत इरादे और हौसले
सोमवार को स्कूल खुलने पर बच्चे पूरे उत्साह और मस्ती से स्कूल की ओर चल पड़े हैं। ये तस्वीरें न केवल स्कूल जाते बच्चों की हैं बल्कि उस हौसले और मजबूती की भी है जो बच्चों और उनके अभिभावकों ने दिखाई है। किसी तरह की आशंका को देखते हुए स्कूल के आस-पास भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है।
स्कूल के पास की सड़क पर एक सैनिक गश्त लगाता हुआ आते जाते बच्चों की सुरक्षा पर नजर बनाए हुए है। पेशावर सैनिक स्कूल के पास की सड़कों पर आने जाने वाले हर व्यक्ति और वाहन की गहन तलाशी की जा रही है।
16 दिसंबर को सुबह पेशावर स्थित एक आर्मी स्कूल पर तालिबान लड़ाकों ने हमला किया था।हमले में मारे गए लोगों में स्कूल स्टाफ के भी नौ लोग थे।पाकिस्तानी सेना के अनुसार सभी सात हमलावर मारे गए थे।चरमपंथी हमले को तालिबान ने पाकिस्तान सेना की कार्रवाई का बदला करार दिया था।