{"_id":"592ada2e-b007-11e2-93d9-d4ae52bc57c2","slug":"sarabjit-singh-continues-to-be-critical","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरबजीत से नहीं मिल सकते भारतीय राजनयिक","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
सरबजीत से नहीं मिल सकते भारतीय राजनयिक
Updated Sun, 28 Apr 2013 06:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाहौर जेल में हमले में घायल हुए, भारतीय क़ैदी सरबजीत सिंह से मिलने के लिए पाकिस्तान पहुंचे उनके परिवार के लोगों ने उन्हे जिन्ना अस्पताल में देख लिया है।
विज्ञापन
चिकित्सकों ने कहा है कि सरबजीत सिंह कोमा में हैं और उनके दिमाग़ में ख़ून जम गया है जिसके इलाज के लिए ऑपरेशन की ज़रूरत है, लेकिन वो तब तक मुमकिन नहीं हो सकता जब तक उनकी तबियत स्थिर नहीं हो जाती।
विज्ञापन
इस बीच भारतीय समाचार एजेंसी पीटीआई और पाकिस्तानी मीडिया में खबरें हैं कि हमले पर तैयार जांच एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है।
छपी खबरों में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि हमलावरों ने सरबजीत सिंह को मारने के इरादे से हमला किया था।
इस मामले पर भारत और पाकिस्तान के बीच राजनयिक गतिरोध पैदा हो गया है।
पाकिस्तानी हुकूमत ने भारतीय दूतावास के अधिकारियों को सरबजीत सिंह से अस्पताल में दुबारा मिलने की इजाज़त नहीं दी है। भारतीय अधिकारी उनसे एक बार मिले हैं।
विज्ञापन
हालांकि भारतीय मीडिया का कहना है कि भारत ने फिर से पाकिस्तान से इस मामले पर आग्रह किया है, लेकिन बीबीसी संवाददाता इबादुल हक का कहना है कि अभी ये साफ़ नहीं है कि भारत की तरफ़ से ये मामला फिर से उठाया गया है या नहीं।
'सभी कोशिशें जारी'
भारतीय केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा है कि भारत का विदेश मंत्रालय पाकिस्तानी हुकूमत से लगातार संपर्क में है और सरबजीत सिंह को बेहतर इलाज मुहैया करवाए जाने के लिए सभी तरह का दबाव डाला जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सभ्य समाज इस तरह के हमले बर्दाश्त नहीं करेगा। सरबजीत सिंह की बहन दलजीत कौर ने लाहौर के रास्ते में अमृतसर में कहा था कि जेल अधिकारियों की मिली भगत के बगैर ऐसी घटना नहीं हो सकती है।
उन्होंने हमले में शामिल लोगों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने की मांग भी की थी।
मुअत्तल
पाकिस्तानी प्रशासन ने सरबजीत पर जेल में हुए हमले के मामले में कुछ अधिकारियों को मुअत्तल कर दिया था और उसके बाद एक जांच टीम गठित कर दी थी।
हालांकि इस पर किसी तरह का आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन कई समाचर पत्रों और एक एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि दोनों हमलावर सरबजीत सिंह से धमाकों में मारे गए पाकिस्तानी नागिरकों की हत्या का बदला लेना चाहते थे।
पाकिस्तानी हुकूमत सरबजीत सिंह को इन हमलों के लिए जिम्मेदार बताती है जबकि उनके परिवार का कहना है कि ये ग़लतफहमी का नतीजा है।