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'कोमा में हैं सरबजीत, वेंटिलेटर पर रखे गए'
Updated Sat, 27 Apr 2013 01:15 PM IST
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पाकिस्तान की जेल में बंद भारतीय कैदी सरबजीत सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है, वो कोमा में हैं। शुक्रवार को सरबजीत सिंह पर कैदियों ने हमला कर दिया था जिसमें उनके सिर में गंभीर चोटें आई हैं।
भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट किया है कि, “ सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उच्चायोग के अधिकारियों को बताया है कि उनकी हालत गंभीर है, वो कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।"
सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट पर खबर दी है कि सरबजीत सिंह की एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई की गई है और डॉक्टर उनकी हालत स्थिर होने का इंतज़ार कर रहे हैं, उसके बाद ही उनकी सर्जरी की जा सकती है।
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उन्होंने ये भी लिखा है कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर के जिन्ना अस्पताल में मौजूद हैं और सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे मेडिकल बोर्ड से लगातार संपर्क में हैं।
हमला
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद 49 वर्षीय भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर शुक्रवार को छह कैदियों ने हमला किया था। इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता इबादुल हक़ ने बताया कि हमले में सरबजीत सिंह को सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरबजीत सिंह को लाहौर के जिन्ना अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में आईसीयू में रखा गया है। उनके सिर में गंभीर चोट आई है और भीतर रक्तस्राव हुआ है जिसे सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी हालत स्थिर नहीं होती, सर्जरी नहीं की जा सकती है।
सरबजीत सिंह के वकील औवेस शेख का कहना है कि उनके मुवक्किल की हालत गंभीर बनी हुई है। जेल के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरबजीत को जेल में धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने इस बारे में जेल अधिकारियों को भी बताया था।
उन्होंने बताया कि सरबजीत पर हमले के बाद से उनके रिश्तेदार बराबर उनके संपर्क में हैं।
आरोप
सरबजीत सिंह पर 1990 में पाकिस्तान में बम धमाकों में हिस्सा लेने का आरोप है। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे।
लेकिन, सरबजीत का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है। परिवार के मुताबिक धमाकों में हिस्सा लेने वाले कोई दूसरे लोग थे और ये गलत पहचान का मामला है।
भारत कई स्तर पर सरबजीत के लिए रिहाई का मसला उठा चुका है।
लेकिन जितना भारत इस मामले पर जो़र देता है उतना ही पाकिस्तान में सरबजीत का विरोध बढ़ जाता है।
हाल ही में सरबजीत के वकील को धमकी देने का मामला सामने आया था।
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भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट किया है कि, “ सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उच्चायोग के अधिकारियों को बताया है कि उनकी हालत गंभीर है, वो कोमा में हैं और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया है।"
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सैय्यद अकबरुद्दीन ने ट्विट पर खबर दी है कि सरबजीत सिंह की एक्सरे, सीटी स्कैन और एमआरआई की गई है और डॉक्टर उनकी हालत स्थिर होने का इंतज़ार कर रहे हैं, उसके बाद ही उनकी सर्जरी की जा सकती है।
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उन्होंने ये भी लिखा है कि भारतीय उच्चायोग के अधिकारी लाहौर के जिन्ना अस्पताल में मौजूद हैं और सरबजीत सिंह का इलाज कर रहे मेडिकल बोर्ड से लगातार संपर्क में हैं।
हमला
पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में कैद 49 वर्षीय भारतीय नागरिक सरबजीत सिंह पर शुक्रवार को छह कैदियों ने हमला किया था। इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता इबादुल हक़ ने बताया कि हमले में सरबजीत सिंह को सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
सरबजीत सिंह को लाहौर के जिन्ना अस्पताल के आपातकालीन वॉर्ड में आईसीयू में रखा गया है। उनके सिर में गंभीर चोट आई है और भीतर रक्तस्राव हुआ है जिसे सर्जरी से ही ठीक किया जा सकता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि जब तक उनकी हालत स्थिर नहीं होती, सर्जरी नहीं की जा सकती है।
सरबजीत सिंह के वकील औवेस शेख का कहना है कि उनके मुवक्किल की हालत गंभीर बनी हुई है। जेल के बाहर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि सरबजीत को जेल में धमकियां मिल रही थीं और उन्होंने इस बारे में जेल अधिकारियों को भी बताया था।
उन्होंने बताया कि सरबजीत पर हमले के बाद से उनके रिश्तेदार बराबर उनके संपर्क में हैं।
आरोप
सरबजीत सिंह पर 1990 में पाकिस्तान में बम धमाकों में हिस्सा लेने का आरोप है। इन हमलों में 14 लोग मारे गए थे।
लेकिन, सरबजीत का परिवार इन आरोपों से इनकार करता है। परिवार के मुताबिक धमाकों में हिस्सा लेने वाले कोई दूसरे लोग थे और ये गलत पहचान का मामला है।
भारत कई स्तर पर सरबजीत के लिए रिहाई का मसला उठा चुका है।
लेकिन जितना भारत इस मामले पर जो़र देता है उतना ही पाकिस्तान में सरबजीत का विरोध बढ़ जाता है।
हाल ही में सरबजीत के वकील को धमकी देने का मामला सामने आया था।