{"_id":"57e521da4f1c1b881ea820de","slug":"russian-troops-arrive-in-pakistan-for-first-ever-joint-drills","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूस ने दिया भारत को झटका, पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास करने पहुंची सेना","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
रूस ने दिया भारत को झटका, पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास करने पहुंची सेना
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:13 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : AsimBajwaISPR/ twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के साथ पहली बार संयुक्त सैन्य अभ्यास को लेकर शुक्रवार को रूस की थल सेना का दल इस्लामाबाद पहुंच गया। पाकिस्तान के साथ रूस का पहला संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत के लिए झटका माना जा रहा है। भारत के साथ नजदीकी रिश्तों के चलते रूस के रिश्ते पाकिस्तान से शीत युद्घ जैसे रहे थे। लेकिन अब स्थितियां बदलने लगी हैं। खास बात यह है कि इस सैन्य अभ्यास का नाम ‘फ्रैंडशीप 2016’ रखा गया है।
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट असीम बाजवा ने कहा कि रूस के सैनिक पाकिस्तान में 24 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक दो हफ्ते के लिए रहेंगे। दोनों देशों के 200 से ज्यादा सैनिक दो हफ्ते तक चलने वाले सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इस कदम से रूस और पाकिस्तान के साथ रक्षा संबंधी रिश्तों को प्रगति मिल सकती है। दोनों देशों के बीच एडवांस युद्ध विमान सौदे को लेकर भी बातचीत हुई थी। अमेरिका से रिश्तों में खटास आने के बाद पाकिस्तान ने अपनी विदेश नीति का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है।
मई, 2011 में अमेरिका की सीआईए के छापे में ओसामा बिन लादेन को मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ी है। हाल ही में अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को एफ-16 विमानों की खरीद के लिए दिए जाने वाले फंड को भी रोक दिया था। इस कदम से भी रिश्तों में खटास आई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट असीम बाजवा ने कहा कि रूस के सैनिक पाकिस्तान में 24 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक दो हफ्ते के लिए रहेंगे। दोनों देशों के 200 से ज्यादा सैनिक दो हफ्ते तक चलने वाले सैन्य अभ्यास में हिस्सा लेंगे। इस कदम से रूस और पाकिस्तान के साथ रक्षा संबंधी रिश्तों को प्रगति मिल सकती है। दोनों देशों के बीच एडवांस युद्ध विमान सौदे को लेकर भी बातचीत हुई थी। अमेरिका से रिश्तों में खटास आने के बाद पाकिस्तान ने अपनी विदेश नीति का दायरा बढ़ाना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
मई, 2011 में अमेरिका की सीआईए के छापे में ओसामा बिन लादेन को मारे जाने के बाद दोनों देशों के बीच दूरी बढ़ी है। हाल ही में अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्तान को एफ-16 विमानों की खरीद के लिए दिए जाने वाले फंड को भी रोक दिया था। इस कदम से भी रिश्तों में खटास आई थी।
विज्ञापन