पाक हिंदू मैरिज बिल: एक प्रावधान हटाने की मांग
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पाकिस्तान की सिंध विधानसभा ने सोमवार को हिंदू मैरिज बिल पास कर दिया। ऐसा करने वाला सिंध देश का पहला राज्य है। यहां रहने वाले हिंदू अब अपनी शादी का पंजीकरण करा सकेंगे। पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे।
एक राष्ट्रीय संसदीय पैनल ने पिछले हफ्ते बिल के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी थी। इसमें हिंदुओं में शादी करने की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष तय की गई है। बिल के मुताबिक शादी के लिए लड़के और लड़की की सहमति होनी चाहिए तथा रीति रिवाजों के दौरान और पंजीकरण के समय दो गवाह मौजूद रहने चाहिए।
दंपति को शादी के 45 दिनों के भीतर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। हालांकि इस बिल को लेकर विवाद भी उठा है। पाकिस्तान के एक प्रमुख हिंदू संगठन ने बिल के ड्राफ्ट से अमान्यकरण का प्रावधान हटाने की मांग की है।
दुरुपयोग होने की है आशंका
इस नियम के अनुसार दंपति में से किसी एक के अपना धर्म बदलने पर शादी अमान्य हो जाएगी। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के संरक्षक रमेश वनकानी ने इस नियम का दुरुपयोग होने की आशंका जताई है।
उनके अनुसार इस प्रावधान के जरिये हिंदू लड़कियों और महिलाओं पर धर्म बदलने के लिए दबाव डाला जा सकता है। सिंध के ग्रामीण इलाकों में हिंदू महिलाओं के जबरन धर्म परिवर्तन का मुद्दा सरकार के सामने पहले ही उठाया जा चुका है।