बलूचिस्तान में फूंके गए नवाज और जिनपिंग के पुतले
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बलूचिस्तान में एक बार फिर पाकिस्तान के खिलाफ लोग सकड़ों पर उतर आए। लोगों ने पाक सरकार और चीन के खिलाफ नारे लगाए। बलोच प्रदर्शनकारियों ने क्वेटा में पीक पीएम नवाज शरीफ, पाक सेना प्रमुख राहील शरीफ और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के पुतले जलाए। प्रदर्शनकारियों ने बलूचिस्तान को आजाद करने के साथ-साथ चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे का विरोध जताया, जिसे चीन तैयार कर रहा है।
बता दें कि 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने बलूस्चितान में पाकिस्तान के द्वारा किए जा रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया था। पीएम मोदी के इस मामले पर बात करने के बाद से तो जैसे बलोचों के संघर्ष में जान आ गई। तब से बलोच हर मोर्चे पर पाक सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पिछले कई दिनों में बलोचों ने लंदन, ऑस्ट्रेलिया, साउथ कोरिया, जर्मनी, न्यूयॉर्क में, यहां तक कि संयुक्त राष्ट्र के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर आजादी की मांग कर चुके हैं।
एक तरफ बलोच आजादी के लिए संघर्ष तो कर ही रहे हैं, वहीं पिछले दिनों यूएन की तरफ से पाकिस्तान को साफ चेतावनी दी गई थी कि वह बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का उल्लंघन बंद करे या फिर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहे।
'पाक-चीन मिलकर कर रहे प्राकृतिक संसाधनों की लूट'
बलोच प्रदर्शनकारियों की मानें तो पाक सरकार चीन के साथ मिलकर बलूस्चितान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने में लगी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है बलोंचों पर पाकिस्तान का अत्याचार बढ़ता ही जा रहा है। रोजाना लोग मारे जा रहे हैं, गायब किए जा रहे हैं।
प्रदर्शकारियों की मानें तो पाकिस्तान ने 10 हजार पंजाबी जिहादी आतंकवादियों को बलूचिस्तान स्वतंत्रता आंदोलन को खत्म करने के लिए तैनात किया है। ताकि तीन आसानी से प्राकृतिक संसाधनों की लूट कर सके। चीन इस लूट एक भारी रकम पाक सरकार भी दे रहा है।
प्रदर्शनकारियों में बच्चे-बड़े और बुजुर्ग यानी हर उम्र के लोग शामिल थे। इनकी मांग है कि बलूचिस्तान की आजादी के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इनके साथ दे।
बता दें कि पिछले दिनों पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से भी पाकिस्तान विरोधी आवाजें उठी थीं।