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पाक: ईसाई विरोधी दंगों के खिलाफ प्रदर्शन

Mon, 11 Mar 2013 11:22 AM IST
बीबीसी हिंदी
बीबीसी हिंदी Updated Mon, 11 Mar 2013 11:22 AM IST
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protest against anti christian violence in pakistan

पाकिस्तान के शहर लाहौर में ईसाई समुदाय के दर्जनों लोगों के घर जलाए जाने के बाद ईसाइयों ने सरकार से बेहतर सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।

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आगजनी की यह घटना एक व्यक्ति पर ईशनिंदा का आरोप लगाए जाने के बाद हुई।

ईसाई समुदाय के लोग लाहौर और कराची में रविवार को जमा हुए और शनिवार को हुई हिंसा की वारदातों की निंदा की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आगज़नी के शिकार लोगों को मुआवज़ा देने की मांग की।
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हिंसा पर उतारू भीड़ ने जब ईसाइयों के घरों पर हमला किया तो वे घर छोड़कर भाग गए। उपद्रवियों ने कुछ पुलिसवालों पर भी पत्थर से हमला किया।

मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में ईसाइयों की आबादी लगभग 1.6 फ़ीसदी है।

ईशनिंदा का आरोप
पिछले कुछ समय से कुछ विवादास्पद मुक़दमों के बाद देश में ईशनिंदा को काफ़ी गंभीरता से लिया जाने लगा है।

हिंसा की शुरुआत तब हुई जब शुक्रवार को मुसलमानों की भीड़ एक मस्जिद से निकलकर उस ईसाई व्यक्ति के घर गई जिस पर एक युवक ने अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था।
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भीड़ को शांत कराने के लिए पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया, जबकी सैकड़ों ईसाई अपने घर छोड़कर भाग गए।

शनिवार को उपद्रवियों की भीड़ ने ईसाइयों के घरों को तोड़ना और जलाना शुरू कर दिया।

अब्दुल माजिद नाम के एक पुलिस अधिकारी ने शनिवार को कहा कि एक समूह ने इसे ख़ुद ही फ़ैसला करने के रूप में लिया।

पुलिस अधिकारी ने कहा, ''पिछली रात उस व्यक्ति (अभियुक्त) को हिरासत में लेने के बाद मैंने सबसे कहा, उसे हिरासत में ले लिया गया है, इसलिए अब किसी आंदोलन की ज़रूरत नहीं है। लेकिन एक समूह ने पकड़े गए व्यक्ति को उसे सौंप देने की मांग की।'

पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस हिंसा के लिए वह समूह ही ज़िम्मेदार है।

भीड़ ने जानी मसीह का भी घर जला दिया है। समाचार एजंसी एपी से मसीह ने कहा कि एक व्यक्ति की ग़लती के लिए निर्दोष ईसाइयों को क्यों सज़ा दी जा रही है।

उन्होंने कहा, ''हमने क्या किया है? अगर हमने कुछ किया है तो हमें उसके लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाए। यह क्रूरता है।''

आगज़नी और हिंसा की घटनाओं की जांच की मांग करते हुए ईसाइयों ने एक छोटा सा प्रदर्शन भी किया।

कराची के सेंट पैट्रिक चर्च के फ़ादर पीटर जॉन ने सरकार से मांग की है कि इस घटना में जिन लोगों की संपत्ति का नुकसान हुआ है उन्हें मुआवज़ा दिया जाए।

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