फोन, एप और कंप्यूटराइज्ड डाटाबेस ने दिलाई इमरान खान को जीत, पीटीआई कार्यकर्ता ने खोला रहस्य
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पांच साल पहले महज 16 फीसदी वोट पाने वाले पूर्व क्रिकेटर इमरान खान ने दो सप्ताह पहले हुए आम चुनावों में किस तरह अपनी पार्टी को नंबर-1 बनाया, इस रहस्य से पर्दा उठ गया है। क्रिकेट के मैदान पर अपनी अचूक रणनीति से इमरान ने 26 साल पहले पाकिस्तान को विश्व चैंपियन बनाया था। ठीक इसी तर्ज पर उन्होंने इस बार चुनावी अभियान में एक फोन एप्लिकेशन और 5 करोड़ मतदाताओं के डिजिटल डाटा बेस की मदद से विपक्षियों की हर रणनीति को मात दे दी।
नतीजा ये रहा कि 2013 में महज 35 सीट हासिल करने वाली इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी ने इस बार 80 सीटें ज्यादा हासिल करते हुए सबसे ज्यादा 115 सीट के साथ सरकार बनाने का दावा ठोक दिया।
दुनिया के शीर्ष संस्थानों में से एक आक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट इमरान पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। उनकी पार्टी के चुनावी अभियान से जुड़े रहे एक कार्यकर्ता आमिर मुगल के अनुसार, ‘विलाइन्स’ नाम के कांस्ट्टियूंसी मैनेजमेंट सिस्टम (सीएमएस) के लिए डाटा जुटाने को पूरे देश में विशेष टीमें तैनात की गईं।
इस बार चुनाव में जीते असद उमर की सीएमएस टीम का नेतृत्व करने वाले उनके सचिव आमिर ने बताया कि इस डाटा बेस की मदद से पार्टी को उन 150 चुनाव क्षेत्रों में अपने वोटर की पहचान करने का मौका मिला, जहां पार्टी के जीतने के ज्यादा आसार थे।
इसके बाद फोन एप के जरिए पार्टी उन तक पहुंच गई। पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी बिजनेसमैन तारिक दीन और तकनीकी परामर्शदाता शहजाद गुल के बनाए विलाइन्स को शुरू में पीटीआई ने महत्व नहीं दिया था, लेकिन असद उमर और इमरान के खास सहयोगी जहांगीर तरीन खान ने इसे 2015 के स्थानीय चुनावों में पार्टी से जुड़वाया, जिसका जबरदस्त लाभ मिलने पर राष्ट्रीय चुनावों के लिए इसकी मदद लेने का निर्णय लिया गया।
एप की मदद से मतदाताओं को बूथ तक लाए
पाकिस्तान में मतदाताओं को बूथ की जानकारी सरकारी फोन सेवा से दी जाती है। पीटीआई को अपनी फोन एप का लाभ तब हुआ, जब 25 जुलाई को पोलिंग के दिन सरकारी सेवा खराब हो गई और पार्टी एप के जरिए अपने मतदाताओं को बूथ की जानकारी देकर बुलाने में सफल रही।
ऐसे बदला चुनावी गणित
10.5 करोड़ मतदाता हैं पाकिस्तान में
48 फीसदी मतदान हुआ इस बार चुनाव में
5.40 लाख मतदाता ही पहुंचे बूथ पर वोट डालने
05 करोड़ मतदाताओं का डाटाबेस बनाकर संपर्क किया था पीटीआई ने
93 फीसदी वोट डालने वालों तक पहुंच थी इस हिसाब से इमरान की पार्टी की
ऐसे बदला जनता का रुझान
पार्टी 2018 में मत प्रतिशत सीट जीती 2013 में था मत प्रतिशत
पीटीआई 31.87 115 16.92
पीएमएल-एन 24.4 64 32.77
पीपीपी 13.05 43 15.32