परवेज मुशर्रफ का खुलासा, आपातकाल लगाने में कयानी और अजीज का भी हाथ
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देशद्रोह के आरोपों का सामना कर रहे पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ ने पहली बार आपातकाल के अपने निर्णय के लिए वरिष्ठ नेताओं तथा सैन्य नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया है।
संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को दिए बयान में मुशर्रफ ने पूर्व सैन्य प्रमुख परवेज कयानी और तत्कालीन प्रधानमंत्री शौकत अजीज पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मुशर्रफ के अनुसार कयानी 27 नवंबर, 2007 को सेना प्रमुख बन गए थे लेकिन उन्होंने आपातकाल वापस नहीं लिया। इसलिए वह भी प्रमुख अपराधी हैं।
मुशर्रफ ने बताया कि उन्होंने तीन नवंबर, 2007 को आपातकाल लगाने से पहले कयानी के अलावा दूसरे वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों तथा अजीज समेत कई नेताओं से सलाह ली थी। अजीज और उनके मंत्रिमंडल की राय पर ही आपातकाल लगाया गया। इसके लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं।
कयानी ने निभाया साथ
मुशर्रफ ने आरोप लगाया कि अजीज ने आपातकाल के लिए उन्हें जो नोट भेजा था, उसे कुछ लोगों ने आधिकारिक रिकॉर्ड से गायब कर दिया है। 72 वर्षीय मुशर्रफ के खिलाफ 2013 से देशद्रोह का मामला चल रहा है। अब पहली बार उन्होंने सीधे तौर पर कई प्रमुख लोगों के नाम घसीटे हैं।
माना जा रहा है कि मुशर्रफ अपनी गिरफ्तारी के समय कयानी की भूमिका से खुश नहीं हैं। कयानी को मुशर्रफ का आदमी माना जाता है लेकिन 2013 में देश वापसी पर जब पूर्व सैन्य प्रमुख (मुशर्रफ) को पकड़ा गया, तब उन्हें बचाने के लिए कयानी ने सक्रियता नहीं दिखाई।