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विवादित बयान पर कायम पाक रेल मंत्री
इसलामाबाद/एजेंसी
Updated Sat, 29 Sep 2012 10:38 PM IST
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इसलाम विरोधी फिल्म निर्माता का सिर कलम करने वाले को एक लाख डॉलर का इनाम देने की घोषणा करके विवादों के केंद्र में आए पाक मंत्री ने कहा है कि वह आगे भी ईशनिंदा करने वाले शख्स के सिर पर इनाम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर ने कहा कि वह अपने बयान पर कायम हैं। जो भी व्यक्ति ‘इनोसेंस ऑफ मुसलिम’ फिल्म के निर्माता का सिर कलम करके लाएगा उसे मैं एक लाख डॉलर का इनाम दूंगा।
पेशावर की मुहब्बत खान मसजिद में शुक्रवार को एक बैठक को संबोधित करते हुए बिलौर ने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा इस घोषणा की आलोचना किए जाने के बाद भी वह विचलित नहीं होंगे। मालूम हो कि पाकिस्तान सरकार ने उनकी इस घोषणा से पल्ला झाड़ लिया था। उसका कहना था कि यह सरकार की नीति को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
यही नहीं पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन की अन्य पार्टियों ने मांग की थी कि बिलौर को अपनी यह घोषणा वापस ले लेनी चाहिए। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी बयान आलोचना की थी। ब्रिटेन के कंजर्वेटिव सांसद ने अपने प्रशासन से कहा था कि वह बिलौर के आने पर रोक लगाए।
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ब्रिटिश मीडिया ने बताया कि बिलौर और उनके भाई प्राय: ब्रिटेन का दौरा करते हैं और वहां स्थित अपने निवास पर काफी समय बिताते हैं। बिल्लौर ने कहा कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री ने उसका इस्तीफा नहीं मांगा था और एएनपी (बिलौर की पार्टी) ने भी कोई करण बताओ नोटिस नहीं जारी किया था। उन्होंने कहा कि किसी देश द्वारा उनके प्रवेश पर पाबंदी लगाने की उन्हें कोई परवाह नहीं है।
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पेशावर की मुहब्बत खान मसजिद में शुक्रवार को एक बैठक को संबोधित करते हुए बिलौर ने कहा कि पश्चिमी देशों द्वारा इस घोषणा की आलोचना किए जाने के बाद भी वह विचलित नहीं होंगे। मालूम हो कि पाकिस्तान सरकार ने उनकी इस घोषणा से पल्ला झाड़ लिया था। उसका कहना था कि यह सरकार की नीति को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
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यही नहीं पाकिस्तान के सत्ताधारी गठबंधन की अन्य पार्टियों ने मांग की थी कि बिलौर को अपनी यह घोषणा वापस ले लेनी चाहिए। अमेरिका और यूरोपीय संघ ने भी बयान आलोचना की थी। ब्रिटेन के कंजर्वेटिव सांसद ने अपने प्रशासन से कहा था कि वह बिलौर के आने पर रोक लगाए।
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ब्रिटिश मीडिया ने बताया कि बिलौर और उनके भाई प्राय: ब्रिटेन का दौरा करते हैं और वहां स्थित अपने निवास पर काफी समय बिताते हैं। बिल्लौर ने कहा कि इस मामले को लेकर प्रधानमंत्री ने उसका इस्तीफा नहीं मांगा था और एएनपी (बिलौर की पार्टी) ने भी कोई करण बताओ नोटिस नहीं जारी किया था। उन्होंने कहा कि किसी देश द्वारा उनके प्रवेश पर पाबंदी लगाने की उन्हें कोई परवाह नहीं है।