POK के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार बढ़ाएगा पाकिस्तान, अपने खिलाफ गुस्से को शांत करने की कोशिश
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पाकिस्तान की शीर्ष नागरिक व सैन्य संस्था (एनएससी) ने पाक के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) व गिलगिट बालटिस्तान के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार बढ़ाने का फैसला किया है। इन इलाकों में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार गुस्सा बढ़ रहा है, जबकि चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा इन्हीं क्षेत्रों से गुजरता है। राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक में योजना आयोग के उपाध्यक्ष और कश्मीर व गिलगिट-बालटिस्तान मामलों के मंत्री सरताज अजीज ने एनएससी को प्रस्ताव की जानकारी दी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रधानमंत्री एसके अब्बासी ने प्रस्ताव की समीक्षा की।
चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को लेकर चिंतित है चीन
इसके बाद बैठक में पाक अधिकृत कश्मीर और गिलगिट-बलाटिस्तान सरकार के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकार बढ़ाने पर आम सहमति बनी। हालांकि, बढ़ाए गए अधिकारों की ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। गिलगिट-बालटिस्तान को पांच साल का कर अवकाश दिया गया है, ताकि वहां की सरकार विकास पर ज्यादा खर्च कर पाकिस्तान के दूसरे इलाकों के बराबर पहुंच सके। बलूचिस्तान, खैबर-पखतूनख्वा, पंजाब और सिंध पाकिस्तान के चार राज्य हैं।
पाक के खिलाफ बढ़ रहे गुस्से को शांत करने की कोशिश
गिलगिट-बालटिस्तान को पाकिस्तान से अलग माना जाता है। भारत गिलगिट-बालटिस्तान को पांचवां प्रांत घोषित करने की पाकिस्तान की किसी भी संभावित कोशिश को अस्वीकार्य कह चुका है। भारत ने आर्थिक गलियारे को गिलगिट-बालटिस्तान से गुजारने पर भी चीन का विरोध किया था। माना जाता है कि चीन गिलगिट-बालटिस्तान की मौजूदा स्थिति पर चिंतित है। इसलिए पाकिस्तान आर्थिक गलियारे को कानूनी संरक्षण देने के लिए क्षेत्र के संवैधानिक दर्जे में इजाफा करने की योजना पर काम कर रहा है।