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प्रधानमंत्री मोदी के 'फोन कॉल' के बाद भारत से द्विपक्षीय वार्ता को तैयार पाकिस्तान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:06 AM IST
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नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)
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प्रधानमंत्री मोदी ने 30 जुलाई को पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के अध्यक्ष और प्रधानमंत्री बनने जा रहे इमरान खान को फोन करके आम चुनावों में उनकी पार्टी की जीत के लिए बधाई दी थी और दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीद जताई थी। अब पाकिस्तान ने प्रधानमंत्री मोदी के इस फोन कॉल का स्वागत करते हुए कहा है कि वह द्विपक्षीय वार्ता की बहाली चाहता है जो 2015 में रुक गया था।
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बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने इमरान खान को जीत की बधाई देते हुए उम्मीद जताई थी कि 'पाकिस्तान और भारत द्विपक्षीय संबंधों की दिशा में एक नये अध्याय की शुरूआत करने के लिए काम करेंगे।' इस पर इमरान खान ने भी पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया था और कहा था कि विवादों का समाधान बातचीत से ही होना चाहिए।
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विदेश कार्यालय के प्रवक्ता डॉ. मुहम्मद फैसल ने साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि वह आशा करते हैं कि 'फोन कॉल' भारत और पाकिस्तान दोनों के बीच द्विपक्षीय वार्ता का मार्ग प्रशस्त करेगी। फैसल ने कहा कि पाकिस्तान नवंबर 2016 में स्थगित हुए सार्क शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार था। उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्रीय मुद्दों को हल करने में काफी मदद मिलेगी।
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गौरतलब है कि 2016 में सार्क शिखर सम्मेलन पाकिस्तान के इस्लामाबाद में आयोजित किया जाना था, लेकिन उसी साल 18 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सेना के कैंप पर आतंकी हमला हो गया था, जिसके बाद भारत ने मौजूदा परिस्थितियों के कारण शिखर सम्मेलन में भाग लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद बांग्लादेश, भूटान और अफगानिस्तान में ने भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने से मना कर दिया था, जिसके बाद सार्क सम्मेलन को रद्द कर दिया गया था।
इसके अलावा भारत द्वारा किया गया सर्जिकल स्ट्राइक, पाकिस्तान का सीजफायर उल्लंघन और कुलभूषण जाधव समेत कई मुद्दे हैं, जिसके कारण भारत और पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय वार्ता नहीं हो सकी है। हाल ही में इमरान खान ने अपने 'विजयी भाषण' में कहा था कि भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध सभी के लिए अच्छा होगा।