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पाकिस्तान: शियाओं ने शव दफनाने से इनकार किया
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 12 Jan 2013 06:50 PM IST
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पाकिस्तान के क्वेटा में आत्मघाती हमलों में मरे शिया समुदाय के ज़्यादातर लोगों की लाशों को उनके रिश्तेदारों ने दफ़नाने से इनकार कर दिया है। उनकी मांग है कि शहर को फ़ौज के हवाले किया जाए।
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पाकिस्तान शिया काउन्सिल के झंडे तले हो रहे प्रदर्शन में हजारों शिया समुदाय के लोग शामिल हैं और शहर की सड़कें जाम हैं।
प्रदर्शन स्थल पर मौजूद बीबीसी उर्दू के संवाददाता अय्यूब तरीन का कहना है कि घटना में मारे गए शिया सम्प्रदाय से ताल्लुक रखने वाले कई लोगों के ताबूत सड़कों पर रखे हुए हैं और प्रदर्शनकारी तब तक अपनी जगह पर जमे रहने की बात कर रहे हैं जब तक की उनकी मांग नहीं मानी जाती।
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बलूचिस्तान की सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मांग सिरे से ठुकरा दी है। इस घटना में मारे गए अन्य मुसलमान समुदाय के लोगों के शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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हमला
बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में एक भीड़भाड़ वाले स्नूकर क्लब में हुए दोहरे बम धमाकों में 80 से ज़्यादा लोग मारे गए थे।
पहले धमाके के बाद वहां पहुंचे कई राहतकर्मी और पत्रकार दूसरे धमाके में निशाना बने। दूसरे धमाके में क्लब की इमारत भी ध्वस्त हो गई। मरने वालों में ज्यादातर शिया लोग थे। एक सुन्नी चरमपंथी लश्कर-ए-झांगवी ने इन हमले की जिम्मेदारी स्वीकारी है।
बलूचिस्तान में न सिर्फ अलगाववादी विद्रोह चल रहा है, बल्कि वहां शिया और सुन्नी संप्रदायों के बीच भी हिंसा आम है।
एक वरिष्ठ पुलिस अफसर हामिद शकील ने बताया कि पहले अलमदार रोड पर स्कूनर हॉल बिल्डिंग के बाहर धमाका हुआ। इसके बाद वहां राहतकर्मी, पुलिस के जवान और मीडिया वाले पहुंचे गए। लेकिन दस मिनट वहां दूसरा धमाका हो गया जिसमें पहले धमाके से ज्यादा लोग मारे गए।
पुलिस के अनुसार पहले धमाके को आत्मघाती हमलावर ने अंजाम दिया जबकि दूसरा धमाका कार में रखे एक बम से किया गया। मृतकों में दो पत्रकार, पांच राहतकर्मी और कम से कम पांच पुलिसकर्मी शामिल हैं।
लश्कर-ए-झांगवी ज़िम्मेदार
बीबीसी संवाददाता एम इलियास खान का कहना है कि इन धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाला लश्कर-ए-झांगवी गुट पहले इस इलाके में रहने वाले शिया हजारा लोगों को निशाना बनाता रहा है।
दूसरी तरफ पाकिस्तान के स्वात घाटी इलाके में गुरुवार को हुए धमाके में कम से कम 21 लोग मारे गए और 80 से ज्यादा घायल हो गए। ये धमाका एक धार्मिक आयोजन के दौरान हुआ।
पहले अधिकारियों ने कहा कि धमाका एक गैस कनस्तर से हुआ लेकिन बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ये इसकी वजह एक बम था।
लश्कर ए झांगवी
--गठन 80 के दशक में हुआ।
--ये सुन्नी मुस्लिम चरमपंथी गुट है जिस पर कई बड़े हमलों का आरोप है।
--2001 में पाकिस्तान में इस पर प्रतिबंध लगा दिया था।
--2003 में अमेरिका ने इसे चरमपंथी गुट करार दिया था।
--पाकिस्तानी तालिबान जैसे संगठनों के साथ रिश्ते।
--ये संगठन नियमित तौर पर शियाओं पर हमला करता है।
--बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के मामले से भी इस गुट को जोड़ा जाता है।