UN को पाक ने लिखा- कश्मीर में बहुसंख्यक मुसलमानों को अल्पसंख्यक बना रहा भारत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीमा पर सीजफायर उल्लंघन कर भारत को उकसा रहे पाकिस्तान ने शनिवार को यूएन को लिखा कि भारत कश्मीर में 'जनसांख्यिकीय परिवर्तन' लाने की कोशिश कर रहा है। पाक ने एक बार फिर अपने आरोप पत्र के जरिए जम्मू-कश्मीर में जनमत संग्रह का राग अलापा है।
पाकिस्तानी अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कहा है कि पाक ने अपने आरोप पत्र में कहा है कि कश्मीर में बहुसंख्यक मुसलमानों को अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश की जा रही है। अखबार का कहना है कि पाकिस्तान ने यूएन से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
ट्रिब्यून के मुताबिक इस आरोप पत्र में पाकिस्तान ने भारत पर आरोप लगाया है कि कश्मीर के भीतर भारत अस्थाई निवासियों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र जारी कर रहा है। इसके साथ ही सेना से रिटायर होने वाले लोगों को जमीन भी यहां दी जा रही है। पाक का ये भी आरोप है कि भारत ने गैर कश्मीरियों, कश्मीरी पंडितों और पश्चिमी पाकिस्तान के शरणार्थियों के लिए अलग टाउनशिप बनाई है।
घाटी गंभीर मानव त्रासदी की ओर आगे बढ़ रही है
संयुक्त राष्ट्र को ये पत्र पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार सरताज अजीज ने लिखा है। जिओ टीवी के मुताबिक ये पत्र संयुक्त राष्ट्र के राजनीतिक मामलो के महासचिव को पाकिस्तान के राजदूत द्वारा सौंप दिया गया है।
अजीज के इस खत में ये भी कहा गया है कि भारत के इन प्रयासों की वजह से घाटी गंभीर मानव त्रासदी की ओर आगे बढ़ रही है। ऐसे में कश्मीर में लाखों कश्मीरियों को नुकसान से बचाने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों के जरिए दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता लाई जा सकती है।