विज्ञापन

पत्नी की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए नवाज शरीफ को मिली 12 घंटे की पैरोल

वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Wed, 12 Sep 2018 08:50 AM IST
pakistan's jailed former prime minister got release of 12 hour to join funeral of his wife
विज्ञापन
ख़बर सुनें
जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री, उनकी बेटी मरियम और दामाद मोहम्मद सफदर बुधवार को लाहौर पहुंचे। फिलहाल उन्हें रावलपिंडी की अडियाला जेल से 12 घंटे के लिए पैरोल मिली है। 
विज्ञापन
बता दें कि, नवाज शरीफ की पत्नी बेगम कुलसुम नवाज (68) की मंगलवार को लंदन में देहांत हो गया है। वह कैंसर से पीड़ित थीं। उनके शव को लाहौर लाया जाएगा और शरीफ परिवार के जाती उमरा निवास में दफन किया जाएगा।

नवाज शरीफ और उनके बेटी-दामाद को रावलपिंडी के नूरखान एयरबेस से विशेष विमान द्वारा जाती उमरा पहुंचाया गया। बुधवार सुबह 03.15 बजे पहुंचे तीनों को पंजाब सरकार के गृह विभाग ने 12 घंटे के लिए जमानत दी है।  पाकिस्तान मुस्लिम लीग की प्रवक्ता मरयम औरंगजेब ने बताया कि शहबाज शरीफ ने पंजाब सरकार से अनुरोध किया था बेगम कुलसुम नवाज की अंत्येष्टि में शामिल होने के लिए तीनों को पांच दिन के लिए पैरोल पर जमानत दी जाए। हालांकि, पंजाब सरकार ने केवल 12 घंटे की ही अनुमति दी। 

उन्होंने कहा कि सरकार जमानत की अवधि बढ़ाएगी, जिससे कि वह लोग शुक्रवार को होने वाले जनाजे तक रुक सकें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि शहबाज शरीफ बुधवार को ही बेगम कुलसूम का शव लेने लंदन जाएंगे। 

अधिकारियों का कहना है कि जब बेगम कुलसुम का शव शुक्रवार को आना है तो पैरोल न बढ़ाने का कोई सवाल ही नहीं है। सरकार ने मानवीय मूल्यों के आधार पर नवाज शरीफ को उनकी पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने की इजाजत दी है। 

इससे पहले पाक प्रधानमंत्री इमरान खान ने बेगम कुलसुम के शव को वापस लाने और उनके पैरोल से संबंधित मामलों आदि के बारे में शरीफ परिवार को सुविधा देने का आदेश दिया था। 

बेगम कुलसुम का लंदन के हार्ली स्ट्रीट क्लीनिक में इलाज चल रहा था। वह गले के कैंसर से पीड़ित थीं। जून से उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया था। 1950 में एक कश्मीरी परिवार मे जन्मीं बेगम कुलसुम ने लाहौर के फॉर्मन क्रिस्चियन कॉलेज से स्नातक किया था और 1970 में पंजाब विश्वविद्यालय से उर्दू में परास्नातक किया था। 1971 में इनकी नवाज शरीफ से शादी हुई थी। दोनों के हसन, हुसैन, मरयम और असमा चार संतानें हैं। 

हसन और हुसैन के लाहौर आने के सवाल पर मरियम औरंगजेब ने कहा कि इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया गया है। हालांकि दोनों के लाहोर न आने की संभावना ज्यादा है क्योंकि संपत्ति के मामले में न्यायालय द्वारा फरार करार दिए गए हैं। 

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Pakistan

इमरान खान के 100 दिनों में पांच वादों का क्या हुआ

कप्तान इमरान खान को प्रधानमंत्री पद की शपथ लिए आज 101 दिन हो गए। शपथ लेने से पहले उन्होंने पहले सौ दिनों में नए पाकिस्तान के लिए पांच चीजों का वादा किया था।

19 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

65 साल की उम्र में भी मां बन सकती हैं ये महिलाएं

कश्मीर में हुंजा घाटी एक ऐसी जगह है, जहां के लोगों को यह पता ही नहीं कि दवा आखिर होती क्या है। यहां के लोग आमतौर पर 120 साल या उससे ज्यादा जिंदा रहते हैं और महिलाएं 65 साल की उम्र तक गर्भ धारण कर सकती हैं।

3 अक्टूबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree