फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   Pakistan's first Sikh police officer Gulab Singh beat him out of the house

पाक के पहले सिख पुलिस अधिकारी को पीटकर घर से निकाला, फेसबुक पर साझा किया दर्द

Thu, 12 Jul 2018 05:26 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 12 Jul 2018 05:26 AM IST
विज्ञापन
Pakistan's first Sikh police officer Gulab Singh beat him out of the house

पाकिस्तान के पहले सिख पुलिस अधिकारी ने दावा किया है कि सरकार के साथ संपत्ति विवाद के बाद उसे उसके बच्चों और पत्नी के साथ उसके गांव के घर से जबर्दस्ती बाहर निकाल दिया गया।

विज्ञापन

डेली पाकिस्तान ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि गुलाब सिंह शाहीन ने एक वीडियो में मंगलवार को कहा कि उसे सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (पीएसजीपीसी) की मूल संस्था ईवेक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ईटीपीबी) ने लाहौर के डेरा चहल गांव में स्थित उसके घर से निकाल दिया।
विज्ञापन


सिंह ने फेसबुक पर वीडियो शेयर किया वीडियो में सिंह को पुलिस से यह अनुरोध करते हुए देखा जा सकता है कि उसे इस जगह पर ‘कम से कम दस मिनट’ दे दिए जाएं जहां वे 1947 से रह रहे हैं। साल 2011 में गुलाब सिंह ने सैयद आसिफ अख्तर हाशमी के खिलाफ गुरुद्वारा संपत्ति को गैरकानूनी रूप से बेचने का केस दर्ज कराया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये कहा विडियो में...
इस वीडियो में उन्होंने बताया, ‘मैं गुलाब सिंह पाकिस्तान का पहला सिख ट्रैफिक वॉर्डन हूं। मेरा साथ ऐसा सलूक किया जा रहा है जैसा चोरों-डाकुओं के साथ किया जाता है। मुझे मेरे घर से घसीटकर बाहर निकाला गया और मेरे घर पर ताले लगा दिए गए।’ उन्होंने कहा, ‘तारिक वजीर जो एडिशनल सेक्रेटरी है और तारा सिंह जोकि पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का भूतपूर्व प्रधान है, उन्होंने कुछ लोगों को खुश करने के लिए यह काम किया है। इस पूरे गांव में सिर्फ मुझे ही निशाना बनाया जा रहा है और मेरा घर खाली करवाया गया। आप देख सकते हैं मेरे सिर पर पगड़ी भी नहीं है। वे मेरी पगड़ी भी छीनकर ले गए और उन्होंने मेरे केश भी खींचे हैं।

पिछले महीने सिख धर्मगुरु की हत्या 

Pakistan's first Sikh police officer Gulab Singh beat him out of the house

पिछले महीने सिख धर्मगुरु की हत्या 
पिछले महीने ही खैबर पख्तूनवा प्रांत के पेशावर में जाने-माने सिख धर्मगुरु चरणजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चरणजीत किराना दुकान चलाते थे। इस हमले के बाद भी सिख समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया था और आईएसआई पर उंगली उठाई थी। साल 2016 में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सांसद सिख समुदाय के सोरन सिंह की हत्या कर दी गई थी। सोरन सिंह की हत्या की जिम्मेदारी तालिबान ने ली थी।

पाक में सिख कर रहे पलायन
पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू और सिख समुदाय के लोग तालिबान का निशाना बनते रहे हैं। कई परिवारों को यूरोप या भारत पलायन करने तक को मजबूर होना पड़ता है। जानकारी के अनुसार  पेशावर के 30 हजार सिखों में से 60 प्रतिशत से ज्यादा लोग देश के दूसरे हिस्सों में चले गए हैं। वहीं, कई लोग भारत आकर बस गए हैं।

सिखों का जबरन धर्मांतरण
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सिखों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा भी सामने आता रहा है। प्रांत के हंगू जिले में रहने वाले सिख समुदाय के लोग जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा चुके हैं। समुदाय के लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। भारत में यह मुद्दा पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने भी उठाया जा चुका है।


पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सिखों के जबरन धर्मांतरण का मुद्दा भी सामने आता रहा है। प्रांत के हंगू जिले में रहने वाले सिख समुदाय के लोग जबरन धर्म परिवर्तन कराने का आरोप लगा चुके हैं। समुदाय के लोगों का कहना है कि सरकारी अधिकारी उन्हें इस्लाम स्वीकार करने के लिए बाध्य कर रहे हैं। भारत में यह मुद्दा पाकिस्तानी उच्चायुक्त के सामने भी उठाया जा चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed