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अगले 10 सालों में खत्म हो जाएगी पाक की पूरी अर्थव्यवस्था

Thu, 24 Nov 2016 09:17 AM IST
एजेंसी/ कराची
एजेंसी/ कराची Updated Thu, 24 Nov 2016 09:17 AM IST
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'Pakistan's economy will collapse in the upcoming 10 years'
पाकिस्तान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय स्तर की एक कांफ्रेंस का शुभारंभ करते हुए शिक्षामंत्री जाम मेहताब हुसैन दाहर ने चेतावनी दी कि देश की अर्थव्यवस्था अगले 10 साल में खत्म हो जाएगी। आर्थिक विकास संस्थान के वीसी डॉ. असद जमान ने कहा कि भारत के साथ तनाव पाक के लिए बहुत ही खतरनाक साबित होगा। इस दौरान वक्ताओं ने अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए भारत जैसे कड़े कदम उठाने की वकालत की।
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शिक्षामंत्री ने कहा कि शिक्षा देश की आर्थिक खुशहाली से बंधी है लेकिन सिंध प्रांत 70 करोड़ की वार्षिक रकम खर्च करने के बावजूद हालात भयावह हैं। यहां बुधवार को आर्थिक विकास के रूपांतरण पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हुआ है, जिसमें देश की आर्थिक नीति व रणनीतियों पर चर्चा की जा रही है। एप्लाईड इकोनॉमिक रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षामंत्री मेहताब हुसैन ने जोर दिया कि जिस तरह ग्रीस की अर्थव्यवस्था अर्श से फर्श पर आ गिरी है, उसी तरह पाक अर्थव्यवस्था भी अगले 10 वर्षों में पूरी तरह खत्म हो जाएगी। 
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इस मौके पर वक्ताओं ने पाक नीतियों की भारत से खासतौर पर तुलना की। पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ डेवलपमेंट इकोनॉमिक्स के वाइस चांसलर डॉ. असद जमान ने कहा कि भारत के साथ तनाव के खतरनाक परिणाम निश्चित रूप से पाकिस्तान को ही भुगतने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि भारत यदि मजबूत स्थिति में होगा और पाक अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी तब हमारा हश्र बहुत बुरा होगा। उन्होंने पाक को ट्रेडिंग के तौर-तरीकों पर पुनर्विचार करने की सलाह दी। 
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शिक्षा मंत्री के सहायक और पाक के बड़े अर्थशास्त्री डॉ. कैसर बंगाली ने कहा कि पाकिस्तान को भारत से नसीहत लेने की जरूरत है, क्योंकि अर्थव्यवस्था शत्रुता का अनुकरण नहीं करती। पाक को भी चाहिए कि भले ही कितने भी कड़वे फैसले क्यों न हों, लेकिन देशहित में उन पर काम हो।  

पाकिस्तान ने संरा में उठाया सिंधु जल विवाद का मुद्दा

'Pakistan's economy will collapse in the upcoming 10 years'
पाक ने सिंधु जल संधि विवाद का उल्लेख करते हुए चेताया है कि युद्ध या कूटनीतिक दबाव के लिए पानी का इस्तेमाल नहीं किया जाए। उसने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय बिरादरी को चाहिए कि वह ऐसे देशों को प्रति सतर्क करे, जो जल संबंधी मसलों पर सहयोग करने में अनिच्छा जता रहे हैं। 

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की राजदूत मलीहा लोधी ने जल, शांति एवं सुरक्षा पर एक खुली बहस के दौरान संयुक्त राष्ट्रसुरक्षा परिषद में कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बहुपक्षीय एवं द्विपक्षीय स्तरों पर मानक ढांचों का विकास करते हुए उनकी रक्षा करने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

मलीहा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कहा कि जलमार्गों पर द्विपक्षीय और क्षेत्रीय समझौतों को प्रोत्साहित करना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उन्हें एकतरफा या दबाव बनाने वाले कदम उठाकर कमजोर न बनाया जाए। उन्होंने भारत-पाकिस्तान सिंधु जल संधि को द्विपक्षीय समझौतों का बेहतर मॉडल करार दिया। मालूम हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए इस जल समझौते का गारंटर विश्व बैंक है। 
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