{"_id":"59ef95224f1c1b98678b7406","slug":"pakistan-rejects-india-s-move-to-appoint-dineshwar-sharma-as-interlocutor-for-jammu-and-kashmir","type":"story","status":"publish","title_hn":"J&K के लिए नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर को पाक ने किया खारिज, कहा- हुर्रियत के बिना बातचीत महत्वहीन","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
J&K के लिए नियुक्त वार्ताकार दिनेश्वर को पाक ने किया खारिज, कहा- हुर्रियत के बिना बातचीत महत्वहीन
एजेंसी, इस्लामाबाद
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:02 AM IST
विज्ञापन
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय प्रवक्ता नफीस जकारिया
- फोटो : AP
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में लोगों की भावनाओं को समझने के लिए भारत की तरफ से नियुक्त किए गए वार्ताकार को अवास्तविक मानते हुए इनकार कर दिया। उसने कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस को शामिल किए बिना किसी भी बातचीत या चर्चा का कोई महत्व नहीं है।
सोमवार को भारत ने समस्याग्रस्त राज्य में शांति बहाली के लिए कदम उठाते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को जम्मू-कश्मीर में सभी पक्षकारों से बातचीत जारी रखने के लिए विशेष वार्ताकार नियुक्त किया।
शर्मा की नियुक्ति पर जवाब देते हुए पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि यह कदम ईमानदार और यथार्थवादी प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत ने एक बार फिर ऐसा कुछ किया है तो यह बल के उपयोग की निरर्थकता और बातचीत की आवश्यकता को बताता है।
विज्ञापन
हालांकि किसी भी बातचीत की प्रक्रिया का तभी कोई मतलब होगा और परिणाम निकल सकता है जब इसमें भारत, पाकिस्तान और कश्मीरी तीनों पार्टियां शामिल हों। इसका मतलब है कि बिना हुर्रियत नेताओं की भागीदारी के किसी भी बातचीत या चर्चा का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
जकारिया ने कहा कि वार्ताकार को कश्मीरी लोगों की भावनाएं जानने के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समय तो आवश्यकता इसकी है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प के अनुसार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्वक समाधान किया जाए।
दक्षिण एशिया में सतत शांति एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी था। पाकिस्तान उम्मीद करता है कि इस समस्या का समाधान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपनी सही भूमिका निभाएगा।
विज्ञापन
सोमवार को भारत ने समस्याग्रस्त राज्य में शांति बहाली के लिए कदम उठाते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर शर्मा को जम्मू-कश्मीर में सभी पक्षकारों से बातचीत जारी रखने के लिए विशेष वार्ताकार नियुक्त किया।
विज्ञापन
शर्मा की नियुक्ति पर जवाब देते हुए पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा कि यह कदम ईमानदार और यथार्थवादी प्रतीत नहीं होता है। उन्होंने कहा कि यदि भारत ने एक बार फिर ऐसा कुछ किया है तो यह बल के उपयोग की निरर्थकता और बातचीत की आवश्यकता को बताता है।
विज्ञापन
हालांकि किसी भी बातचीत की प्रक्रिया का तभी कोई मतलब होगा और परिणाम निकल सकता है जब इसमें भारत, पाकिस्तान और कश्मीरी तीनों पार्टियां शामिल हों। इसका मतलब है कि बिना हुर्रियत नेताओं की भागीदारी के किसी भी बातचीत या चर्चा का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।
जकारिया ने कहा कि वार्ताकार को कश्मीरी लोगों की भावनाएं जानने के लिए नियुक्त किया गया है। उन्होंने कहा कि इस समय तो आवश्यकता इसकी है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संकल्प के अनुसार जम्मू-कश्मीर के मुद्दे का बातचीत के माध्यम से शांतिपूर्वक समाधान किया जाए।
दक्षिण एशिया में सतत शांति एवं स्थिरता को सुनिश्चित करने के लिए यह जरूरी था। पाकिस्तान उम्मीद करता है कि इस समस्या का समाधान करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय अपनी सही भूमिका निभाएगा।