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वार्ता प्रस्ताव को हमारी कमजोरी नहीं समझें, हम किसी के दबाव में नहीं : इमरान खान
एजेंसी, लाहौर
Updated Mon, 24 Sep 2018 01:54 AM IST
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Imran Khan
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने रविवार को कहा कि वार्ता प्रस्ताव को उनकी कमजोरी न समझा जाए। साथ ही उन्होंने दोहराया कि भारतीय नेतृत्व को अहंकार छोड़कर शांति वार्ता बहाल करनी चाहिए। पंजाब में नौकरशाहों से बातचीत करते हुए इमरान ने कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि भारत द्विपक्षीय बातचीत फिर से बहाल करेगा। हमारी दोस्ती से दोनों देशों को फायदा पहुंचेगा। हम बातचीत को लेकर किसी के भी दबाव में नहीं हैं। साथ ही मैं कहना चाहता हूं कि पाकिस्तान को धमकाना नहीं चाहिए। इस तरह के रवैये को हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।’
इस बीच, पाकिस्तान की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियों पीपीपी और पीएमएलएन ने बातचीत के लिए जल्दबाजी दिखाने पर इमरान की आलोचना की है। उनका कहना है कि होमवर्क किए बिना इमरान खान ने वार्ता का प्रस्ताव दिया, जिससे पाकिस्तान को कूटनीतिक विफलता का मुंह देखना पड़ा।
गौरतलब है कि पाक पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने का आग्रह किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर दोनों देश वार्ता के लिए राजी भी हो गए थे। लेकिन जम्मू-कश्मीर में जवानों की हत्या और पाक द्वारा आतंकियों के डाक टिकट जारी करने के बाद भारत ने वार्ता रद्द करने का फैसला किया था।
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इस बीच, पाकिस्तान की दो प्रमुख विपक्षी पार्टियों पीपीपी और पीएमएलएन ने बातचीत के लिए जल्दबाजी दिखाने पर इमरान की आलोचना की है। उनका कहना है कि होमवर्क किए बिना इमरान खान ने वार्ता का प्रस्ताव दिया, जिससे पाकिस्तान को कूटनीतिक विफलता का मुंह देखना पड़ा।
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गौरतलब है कि पाक पीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर द्विपक्षीय बातचीत शुरू करने का आग्रह किया था। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर दोनों देश वार्ता के लिए राजी भी हो गए थे। लेकिन जम्मू-कश्मीर में जवानों की हत्या और पाक द्वारा आतंकियों के डाक टिकट जारी करने के बाद भारत ने वार्ता रद्द करने का फैसला किया था।
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