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पाकिस्तानी न्यूज एंकर ने क्यों की भारत की तारीफ?
बीबीसी हिंदी
Updated Sat, 13 Jan 2018 12:25 PM IST
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किरण नाज
- फोटो : BBC Hindi
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पाकिस्तान में छह साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या से पूरा देश ग़ुस्से में है और सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक न्याय की मांग कर रहे हैं, गुस्सा दिखा रहे हैं। कसूर की रहने वाली जैनब अंसारी से हुई ज्यादती के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध-प्रदर्शन हुए। कुछ जगह हालात इतने बिगड़े कि पुलिस को गोलीबारी करनी पड़ी।
इस बीच एक निजी समाचार चैनल की एंकर अलग अंदाज में खबरें पढ़ती नजर आईं। समा टीवी की एक एंकर किरन नाज गुरुवार को एक बुलेटिन में अपनी बच्ची को लेकर आईं और उसे गोद में बैठाकर जैनब की खबर दी।
'जनाजा जितना छोटा, उतना भारी'
बुलेटिन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, ''आज में किरन नाज नहीं हूं बल्कि एक मां हूं और इसलिए आज मैं अपनी बच्ची के साथ बैठी हूं। जनाजा जितना छोटा होता है उतना ही भारी होता है और पूरा समाज उसके बोझ तले दब जाता है।'' जब बीबीसी हिन्दी ने उनसे ऐसा करने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा, ''मेरे लिए खुद को कंट्रोल करना बहुत ज्यादा मुश्किल था, मैं रात भर सो नहीं सकी और सोचती रही। मैं जब अपनी बेटी की तरफ चेहरा करती थी तो मुझे अपनी बेटी की आंखों में जैनब का चेहरा नजर आ रहा था।''
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किरन ने कहा, ''मैं अगले दिन जब ऑफिस गई और मैंने वो शो किया, तो उस दिन जैनब की मां उसका उमरा (मक्का की यात्रा) करके लौट रही थीं।''
'मैंने दर्द को महसूस किया'
''मैंने उनकी जो हालत देखी तब मुझे कुछ लम्हे लगे यह सोचने में कि खुदा-न-खास्ता अगर यह हालात मेरे सामने हो जाते तो क्या होता। ये (जैनब की मां) तो फिर भी चल पा रही हैं बात कर पा रही हैं मैं तो शायद कुछ भी न कर पाती।''
लेकिन फिर भी बेटी को साथ बैठाकर खबरें पढ़ने की क्या वजह हो सकती है, उन्होंने कहा, ''मैंने उस दर्द को महसूस किया और इसलिए मैं अपनी बेटी को लेकर आई। मैं यह बताना चाहती थी कि मेरी बेटी मेरा फख्र है। दुनिया में जिनकी भी बेटियां होती हैं, वो उनका गुरूर होती हैं।''
उन्होंने गुस्से का इजहार करते हुए कहा, ''आप हमारे गुरूर के साथ रेप करेंगे, उन्हें कचरे में फेकेंगे? हम जंगल में नहीं रहते, हम इंसान हैं और ये हमारे बच्चे हैं। इसलिए मैं अपने फख्र के साथ बैठी थी जिससे जैनब के लिए आवाज उठा सकूं।'' और उन्होंने ऐसा करके क्या पाया, इसके जवाब में किरन ने कहा, ''मुझे अब ऐसा लगता है कि शायद मैं थोड़ी बहुत कामयाब हुई हूं, आप लोग मुझसे बात कर रहे हैं।''
''हमें यह मशविरा दे दिया जाता है कि आप अपने बच्चों को गुड टच या बैड टच के बारे में सिखाएं। मेरी बेटी 6 महीने की है उसे मैं इस बारे में कैसे बताऊं?'' उन्होंने कहा, ''लोगों के पास इतना दिल नहीं है कि वो रोज ऐसे वाकये देखते रहें। रोजाना अपने छोटे-छोटे बच्चों को उठाएं और कब्रों में दफ्न करें। और बस यह सोचकर रह जाएं कि शायद वह जालिम इंसान पकड़ा जाएगा।''
''अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है इसलिए पूरे पाकिस्तान के लोग बाहर निकल आए हैं।''
भारत में मिली प्रतिक्रिया से खुश
इस मामले को लेकर भारत में जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, उससे पाकिस्तानी एंकर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे दिल से खुशी हो रही है जिस तरह भारत इस मामले को उठा रहा है और मीडिया इसे सपोर्ट कर रहा है।'' ''मैं चाहती हूं कि चाहे यह यहां हो या फिर सरहद के उस पार हो, बस अब खत्म होना चाहिए।''
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इस बीच एक निजी समाचार चैनल की एंकर अलग अंदाज में खबरें पढ़ती नजर आईं। समा टीवी की एक एंकर किरन नाज गुरुवार को एक बुलेटिन में अपनी बच्ची को लेकर आईं और उसे गोद में बैठाकर जैनब की खबर दी।
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'जनाजा जितना छोटा, उतना भारी'
बुलेटिन की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा, ''आज में किरन नाज नहीं हूं बल्कि एक मां हूं और इसलिए आज मैं अपनी बच्ची के साथ बैठी हूं। जनाजा जितना छोटा होता है उतना ही भारी होता है और पूरा समाज उसके बोझ तले दब जाता है।'' जब बीबीसी हिन्दी ने उनसे ऐसा करने की वजह पूछी तो उन्होंने कहा, ''मेरे लिए खुद को कंट्रोल करना बहुत ज्यादा मुश्किल था, मैं रात भर सो नहीं सकी और सोचती रही। मैं जब अपनी बेटी की तरफ चेहरा करती थी तो मुझे अपनी बेटी की आंखों में जैनब का चेहरा नजर आ रहा था।''
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किरन ने कहा, ''मैं अगले दिन जब ऑफिस गई और मैंने वो शो किया, तो उस दिन जैनब की मां उसका उमरा (मक्का की यात्रा) करके लौट रही थीं।''
'मैंने दर्द को महसूस किया'
''मैंने उनकी जो हालत देखी तब मुझे कुछ लम्हे लगे यह सोचने में कि खुदा-न-खास्ता अगर यह हालात मेरे सामने हो जाते तो क्या होता। ये (जैनब की मां) तो फिर भी चल पा रही हैं बात कर पा रही हैं मैं तो शायद कुछ भी न कर पाती।''
लेकिन फिर भी बेटी को साथ बैठाकर खबरें पढ़ने की क्या वजह हो सकती है, उन्होंने कहा, ''मैंने उस दर्द को महसूस किया और इसलिए मैं अपनी बेटी को लेकर आई। मैं यह बताना चाहती थी कि मेरी बेटी मेरा फख्र है। दुनिया में जिनकी भी बेटियां होती हैं, वो उनका गुरूर होती हैं।''
उन्होंने गुस्से का इजहार करते हुए कहा, ''आप हमारे गुरूर के साथ रेप करेंगे, उन्हें कचरे में फेकेंगे? हम जंगल में नहीं रहते, हम इंसान हैं और ये हमारे बच्चे हैं। इसलिए मैं अपने फख्र के साथ बैठी थी जिससे जैनब के लिए आवाज उठा सकूं।'' और उन्होंने ऐसा करके क्या पाया, इसके जवाब में किरन ने कहा, ''मुझे अब ऐसा लगता है कि शायद मैं थोड़ी बहुत कामयाब हुई हूं, आप लोग मुझसे बात कर रहे हैं।''
''हमें यह मशविरा दे दिया जाता है कि आप अपने बच्चों को गुड टच या बैड टच के बारे में सिखाएं। मेरी बेटी 6 महीने की है उसे मैं इस बारे में कैसे बताऊं?'' उन्होंने कहा, ''लोगों के पास इतना दिल नहीं है कि वो रोज ऐसे वाकये देखते रहें। रोजाना अपने छोटे-छोटे बच्चों को उठाएं और कब्रों में दफ्न करें। और बस यह सोचकर रह जाएं कि शायद वह जालिम इंसान पकड़ा जाएगा।''
''अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है इसलिए पूरे पाकिस्तान के लोग बाहर निकल आए हैं।''
भारत में मिली प्रतिक्रिया से खुश
इस मामले को लेकर भारत में जैसी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, उससे पाकिस्तानी एंकर काफी खुश हैं। उन्होंने कहा, ''मुझे दिल से खुशी हो रही है जिस तरह भारत इस मामले को उठा रहा है और मीडिया इसे सपोर्ट कर रहा है।'' ''मैं चाहती हूं कि चाहे यह यहां हो या फिर सरहद के उस पार हो, बस अब खत्म होना चाहिए।''