{"_id":"8704354373fcba0f5a0811b7d5e2449a","slug":"pakistan-news-analysis-hindi-news-ar","type":"story","status":"publish","title_hn":"'ये पाकिस्तान के दोस्त हैं या दुश्मन'","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
'ये पाकिस्तान के दोस्त हैं या दुश्मन'
अशोक कुमार/बीबीसी संवाददाता
Updated Sun, 07 Sep 2014 10:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तानी उर्दू मीडिया में इमरान खान और ताहिरुल कादरी पर चौतरफा हमले हो रहे हैं। वजह है पाकिस्तान में जारी संकट के बीच पैदा सुरक्षा चिंताओं के कारण चीनी राष्ट्रपति का पाकिस्तान दौरा रद्द होना।
विज्ञापन
दैनिक इंसाफ ने इन दोनों ही नेताओं पर निशाना साधा है। अखबार के संपादकीय का शीर्षक है, 'ये पाकिस्तान के दोस्त हैं या दुश्मन।'
अख़बार लिखता है कि इमरान खान और ताहिरुल कादरी के धरनों और जिद ने पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है और पाकिस्तान की साख़ को ठेस पहुंचाई है।
विज्ञापन
'वक़्त' लिखता है कि चीनी राष्ट्रपति की पाकिस्तान यात्रा में दोनों देशों के बीच 32 अरब डॉलर के समझौते होने थे जो अब ठंडे बस्ते में चले गए हैं।
'औसाफ़' ने देश के सुरक्षा हालात के मद्देनजर चीनी राष्ट्रपति का दौरा रद्द होने को अफ़सोसनाक बताया है। अखबार कहता है कि भारत और देश के दुश्मन इस खबर पर बगलें बजा रहे हैं।
विज्ञापन
अखबार के मुताबिक़ भारतीय विश्लेषक कह रहे हैं कि जो सरकारी इमारतों की हिफ़ाज़त नहीं कर सकते, वो चीनी राष्ट्रपति की क्या सुरक्षा कर पाएंगे।
अख़बार लिखता है कि अगर इमरान ख़ान और ताहिरुल कादरी अपने धरने को इस्लामाबाद से कहीं और ले जाते या चीनी राष्ट्रपति के दौरे से पहले मामले को हल कर लेते तो क्या हर्ज था।
'जंग' ने लिखा कि चीन क्षेत्र में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में पाकिस्तान के हितों का क़ाबिल और भरोसेमंद वकील है, इसलिए वहां के राष्ट्रपति का दौरा रद्द होना, देश, सरकार, विपक्ष और धरना करने वालों, सभी के लिए चिंता का विषय है।