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पाकिस्तान का अफगानिस्तान की 'मोनालिसा' को जमानत देने से इंकार
एजेंसी/ पेशावर
Updated Thu, 03 Nov 2016 02:39 AM IST
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मोनालिसा नाम से मशहूर 'अफगानी गर्ल' शरबत गुला
- फोटो : social media
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पाकिस्तानी कोर्ट ने बुधवार को अफगानी महिला शरबत गुला की रिहाई की याचिका खारिज कर दी। 1980 के दशक में नेशनल ज्योग्रफिक मैगजीन के फ्रंट पेज पर तस्वीर छपने के बाद चर्चा में आई शरबत गुला को पिछले हफ्ते धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
अफगान गर्ल के नाम से चर्चित शरबत गुला के पास से फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद 26 अक्तूबर को फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया था। पेशावर की एक विशेष कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था। बुधवार को मामले की दुबारा सुनवाई करते हुए, पाकिस्तानी नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजों की कमी के चलते कोर्ट ने शरबत की जमानत याचिका खारिज कर दी। हरी आंखों वाली शरबत गुला को फर्जी कंप्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र रखने के चलते पेशावर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान गुला के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि वह अपने परिवार में कमानें वाली अकेली सदस्य हैं साथ ही वह हेपेटाइटिस सी बीमारी से भी जूझ रही है।
गुला की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से अफगानिस्तानी शरणार्थियों की दुर्दशा को उजागर कर दिया है। 1979 में सोवियत रूस द्वारा अफगानिस्तान में आक्रमण के बाद वहां के नागरिकों ने भाग कर पाकिस्तान में शरण ली थी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पाकिस्तान में तकरीबन 10 लाख पंजीकृत अफगानी शरणार्थी हैं।
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अफगान गर्ल के नाम से चर्चित शरबत गुला के पास से फर्जी दस्तावेज मिलने के बाद 26 अक्तूबर को फेडरल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने उसे हिरासत में ले लिया था। पेशावर की एक विशेष कोर्ट ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुरक्षित रखा था। बुधवार को मामले की दुबारा सुनवाई करते हुए, पाकिस्तानी नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेजों की कमी के चलते कोर्ट ने शरबत की जमानत याचिका खारिज कर दी। हरी आंखों वाली शरबत गुला को फर्जी कंप्यूटरीकृत राष्ट्रीय पहचान पत्र रखने के चलते पेशावर स्थित उसके आवास से गिरफ्तार किया गया था। मंगलवार को सुनवाई के दौरान गुला के वकील ने कोर्ट में दलील दी थी कि वह अपने परिवार में कमानें वाली अकेली सदस्य हैं साथ ही वह हेपेटाइटिस सी बीमारी से भी जूझ रही है।
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गुला की गिरफ्तारी ने एक बार फिर से अफगानिस्तानी शरणार्थियों की दुर्दशा को उजागर कर दिया है। 1979 में सोवियत रूस द्वारा अफगानिस्तान में आक्रमण के बाद वहां के नागरिकों ने भाग कर पाकिस्तान में शरण ली थी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक पाकिस्तान में तकरीबन 10 लाख पंजीकृत अफगानी शरणार्थी हैं।
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