पाक चीन के साथ कर रहा है रेगिस्तान में कोयले का खनन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इस कोयले की नहीं विश्व में मांग
पाकिस्तान का कोयला काफी लो ग्रेड और भूरे रंग का है जिसकी विश्व में सबसे कम मांग है। पाकिस्तान के हिसाब से यह उसका अब तक का सबसे महंगा प्रोजेक्ट है। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए पाकिस्तान ने चीन के साथ 3.5 बिलियन डॉलर का ज्वाइंट वेंचर किया है।
पाकिस्तान ने चीन के साथ मिलकर 55 बिलियन डॉलर की पार्टनरशिप की है और इस पार्टनरशिप में यह प्रोजेक्ट भी शामिल है।
1.3 गीगावॉट बिजली पैदा करेगा पाकिस्तान
पाकिस्तान की इस कोयले की मदद से 1.3 गीगावॉट बिजली पैदा करेगा जो कि पूरे देश में बिछाई गई नई ट्रांसमिशन लाइन के द्वारा पहुंचाई जाएगी। पाकिस्तान ने इसके लिए भी 3 बिलियन डॉलर खर्च किए हैं।
चीन की मदद से बना रहा है सोलर पार्क
पाकिस्तान इस कोयले की खदान के अलावा चीन की मदद से एक सोलर पार्क भी बना रहा है। पाकिस्तान का दावा है कि यह पार्क न्यूयॉर्क के सेंट्रल पार्क से आठ गुना ज्यादा बड़ा होगा। पाकिस्तान यह इसलिए कर रहा है क्योंकि अभी भी बिजली न आने की समस्या बेहद गंभीर है।
अभी भी कराची और इस्लामाबाद में 12 घंटे बिजली की कटौती होती है। जहां विश्व के कई देश अपने थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट को बंद करके दूसरे विकल्पों पर जा रहे हैं, वहीं पाकिस्तान कोयले से बिजली पैदा करने में पैसा खर्च कर रहा है।