पाकिस्तान को बड़ा झटका, हार गया UNHRC का चुनाव
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संयुक्त राष्ट्र संघ में पाकिस्तान को करारा झटका लगा है। पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र संघ में मानवाधिकार संगठन में सदस्यता का चुनाव हार गया है।
संयुक्त राष्ट्र संघ की मानवाधिकार संगठन की सदस्यता के चुनाव में पाकिस्तान को सिर्फ 105 वोट ही मिले, जबकि इसमें सदस्य देशों की संख्या 193 है। बुधवार को यूएन की आम सभा में सीक्रेट बैलेट के जरिए 18 सदस्यों को मानवाधिकार संगठन का सदस्य बनाया था। पाकिस्तान का मौजूदा कार्यकाल 31 दिसंबर, 2015 को खत्म हो रहा है।
पाकिस्तान की सरकार के लिए यह बड़ा झटका है क्योंकि वहां के प्रतिनिधियों को विश्वास था कि पाकिस्तान यह चुनाव जीत जाएगा। पाकिस्तान के प्रतिनिधि इस निशाने पर हैं क्योंकि वह अपने देश के लिए सही से लॉबिंग नहीं कर पाएं।
यूएन वाच ने इस फैसले का स्वागत किया
1 जनवरी से जिन देशों को तीन वर्ष की सदस्यता मिली है। उनमें हैं बेल्जियम, बुरूंडी, इक्वाडोर, इथियोपिया, जॉर्जिया, जर्मनी, केन्या, पनामा, मंगोलिया, फिलीपींस, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, टोगो, स्लोवानिया, स्विटजरलैंड, यूनाइटेड अरब अमीरात, वेनेजुएला शामिल हैं। पाकिस्तान एशिया प्रांत की सीट खो बैठा है जबकि यहां पर पांच सीटें खाली थीं। भारत भी इस परिषद का सदस्य है और उसकी सदस्यता वर्ष 2017 के अंत में खत्म होगी।
परिषद के सदस्य प्रत्यक्ष और व्यक्तिगत तौर पर सीक्रेट बैलेट के जरिए आम सभा के सदस्यों को चुनते हैं। पाकिस्तान का इस सभा में चुनाव न होने पर जेनेवा स्थित नॉन-गर्वनमेंटल ह्यूमन राइट समूह यूएन वाच ने इस फैसले का स्वागत किया है। वोटिंग से एक दिन पहले ही वेनेजुएला, पाकिस्तान और यूएई देशों का विरोध किया गया था कि इनका चुनाव आम सभा के सदस्यों के तौर पर न किया जाए।