'आतंकी हाफिज के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदम नाकाफी'
वैश्विक दबाव के चलते आखिरकार पाकिस्तान ने आंशिक रूप से यह मान लिया है कि उसकी जमीन से आतंकी गतिविधियां संचालित हो रही हैं। हाल ही में पाकिस्तानी राष्ट्रपति ने एक ऐसे आदेश पर दस्तखत किए हैं जिनमें मुंबई हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद के संगठनों पर रोक लगाने की बात कही गई है।
हालांकि भारत ने पाकिस्तान के इस कदम को नाकाफी बताया है। भारत का कहना है कि पाकिस्तान की इस कागजी कार्रवाई से कुछ नहीं होगा। उल्लेखनीय है कि पहले भी पाकिस्तान ने अपनी जमीन से संचालित होने वाले आतंकी दलों पर शिकंजा कसा था, लेकिन वह बेअसर साबित हुआ था।
हालांकि यहां भारत की बात इसलिए भी पुख्ता हो रही है क्योंकि फ्रांस की फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएडीएफ) ने भी पाकिस्तान के कदम को नाकाफी कहा है। एफडीएफ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आतंकी संगठनों पर और सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। यदि पाकिस्तान ऐसा नहीं करेगा तो दुनियाभर से उसे मिलने वाली आर्थिक मदद में कमी भी आ सकती है।
आपको बता दें कि एफएडीएफ ने 2012 में ऐसे देशों की सूची जारी की थी, जो दुनिया के लिए खतरा बन सकते हैं और उसमें पाकिस्तान का नाम भी शामिल था। उसके बाद से पाक को विदेश से मिलने वाली आर्थिक सहायता में काफी कमी आई है। एफएडीएफ ने पाक को चेताया है कि यदि समय रहते उसने हाफिज सईद और सैय्यद सलाहुद्दीन और पाकिस्तानी तालिबान के खिलाफ कड़े कदम नहीं उठाये तो उसे आर्थिक मोर्चे पर काफी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
पाकिस्तान में खुले घूम रहे आतंकी
दरअसल, पाकिस्तान के इस दोगले रवैये के खिलाफ भारत कई बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आवाज उठा चुका है। इससे पहले भारत ने पाकिस्तान पर यूएन से जानकारियां साझा की थीं और यूएन ने हाफिज को वैश्विक आतंकी घोषित करने की मांग भी की थी।
स्पेन में पिछले साल भारत ने जानकारी दी की पाकिस्तान में संगठन से जुड़े संदिग्ध रैलियां, बैठक, और फंड इकट्ठा करने जैसी गतिविधियों को आसानी से अंजाम देते हैं। इतना ही नहीं आतंकी हाफिज जैसे कई बड़े संदिग्ध पाकिस्तान में बेखौफ घूम रहे हैं और ये आसानी से भारत में आतंक फैला रहे हैं।
बता दें कि भारत लंबे समय से मांग कर रहा है कि पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं भारत इनकी संपत्तियों को जब्त करने की लगातार मांग करता रहा है।