नए साल पर आतंकी हाफिज सईद को बड़ा झटका, जब्त हो सकती है संपत्तियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में आतंकियों के आका हाफिज सईद पर अब शिकंजा कसता दिख रहा है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान सरकार लश्कर-ए-ताइबा और जमात उद दाव के प्रमुख हाफिज के संगठनों और अन्य वित्तीय परिसंपत्तियों को अपने कब्जे में लेने की योजना बना रही है। यह भी बताया जा रहा है कि सरकार ने केंद्रीय एवं प्रांतीय विभागों को इस बाबत में गोपनीय आदेश जारी कर दिए हैं। इस संबंध में 19 दिसंबर को हुई एक बैठक में शामिल तीन अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सईद के तथाकथित दानार्थ संगठनों के खिलाफ कार्रवाई से सरकार और सेना में तनाव बढ़ सकता है क्योंकि सेना हाफिज सईद को मुख्यधारा की राजनीति में उतारने की योजना बना रही है। इस संबंध में पूछे जाने पर सेना की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी दस्तावेज में पाकिस्तान के पांचों प्रांतों के विभागों एवं पुलिस को सईद के दो खैराती (धर्मार्थ) संगठनों जमात-उद-दावा (जेयूडी) और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन (एफआईएफ) के अधिग्रहण के संबंध में 28 दिसंबर तक कार्य योजना सौंपने का आदेश दिया गया है।
याद रहे कि अमेरिका मुंबई पर आतंकी हमले के गुनहगार सईद को न सिर्फ वैश्विक आतंकी घोषित कर चुका है बल्कि उसके सिर पर एक करोड़ रुपये के इनाम का भी ऐलान कर चुका है। यही नहीं, अमेरिका की नजर में जेयूडी और एफआईएफ वास्तव में लश्कर के मुखौटा संगठन हैं।
जेयूडी और एफआईएफ के खिलाफ कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री अहसान इकबाल ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को सभी प्रतिबंधित संगठनों के फंड जुटाने के रास्तों को बंद करने का आदेश दिया है। साथ ही कहा कि यह कार्रवाई अमेरिका के दबाव में नहीं की जा रही है। पाकिस्तान एक जिम्मेदार देश के नाते अपने नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के प्रति अपने कर्तव्य निर्वहन के तहत यह कदम उठा रहा है।
कार्रवाई न होने पर संयुक्त राष्ट्र लगा सकता है प्रतिबंध
पाक सरकार द्वारा 19 दिसंबर को आयोजित बैठक में शामिल अधिकारियों ने कहा कि अगर सईद के खैराती संगठनों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।
जनवरी के अंत में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक टीम पाक का दौरा करने वाली है। यह टीम संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की समीक्षा करेगी। इस टीम ने अगर पाकिस्तान के खिलाफ कोई टिप्पणी की तो इसके दूरगामी परिणाम होंगे।
सईद के 300 मदरसे, 50 हजार स्वयंसेवी
अगर पाक सरकार अपनी योजना पर अमल करती है तो यह सईद के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ उसका पहला बड़ा कदम होगा। इस नेटवर्क में 300 मदरसे और स्कूल. अस्पताल और एक प्रकाशन संस्था शामिल है। इसके अलावा जेयूडी और एफआईएफ के पास 50 हजार स्वयंसेवी हैं और सैकड़ों लोग उसके मुलाजिम हैं।
जेयूडी और एफआईएफ के प्रवक्ताओं ने कहा है कि उन्हें इस संबंध में सरकार से कोई जानकारी नहीं मिली है। जब तक सरकार की ओर से कोई अधिसूचना जारी नहीं की जाती है, इस बारे में उन्हें कुछ नहीं कहना है।