'किस कानून के तहत ब्रिटेन से कोहिनूर वापस लाने की मांग'
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पाकिस्तान में कोहिनूर को वापस लाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने पूछा है कि किस कानून के तहत पाकिस्तान प्रसिद्ध कोहिनूर हीरे को ब्रिटेन से वापस लाने की मांग कर सकता है जबकि भारत सालों से इसे ब्रिटेन से हासिल करने की कोशिश में लगा है। अदालत ने इस सवाल का जवाब देने के लिए याचिकाकर्ता को दो सप्ताह का समय दिया है।
याचिकाकर्ता बैरिस्टर जावेद इकबाल जाफरी ने लाहौर हाईकोर्ट को बताया कि कोहिनूर ‘पाकिस्तान की संपत्ति’ है और यह ब्रिटेन के ‘अवैध कब्जे’ में है।
उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार भारत को हीरा सौंपने से इनकार कर चुकी है। अब पाकिस्तान को इस पर दावा करना चाहिए क्योंकि उस पर पहला हक उसका है। (फोटो विकीपीडिया से साभार)
कानून का उल्लेख करने के लिए कहा
मामले पर सुनवाई के दौरान लाहौर हाईकोर्ट के न्यायाधीश खालिद महमूद खान ने
याचिकाकर्ता से कानून के उस प्रावधान का उल्लेख करने को कहा जिसके तहत
पाकिस्तान सरकार ब्रिटिश सरकार से हीरे की वापसी की मांग कर सकती है। अदालत
मामले के गुण दोष पर सुनवाई कर रही थी।
हाईकोर्ट ने संघीय और पंजाब के
विधि अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 25 फरवरी को अगली सुनवाई पर हाजिर
हों और इसके गुण दोष के बारे में अपने तर्क दें।
पिछले दिसंबर को लाहौर
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने याचिका के गुण दोष पर यह कहते हुए आपत्ति जाहिर
की थी कि ब्रिटिश महारानी के खिलाफ मामले की सुनवाई अदालत के न्यायिक
क्षेत्राधिकार में नहीं है। लेकिन आठ फरवरी को लाहौर हाईकोर्ट ने आपत्ति को
खारिज कर दी और याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार किया था।