{"_id":"5c165fc3bdec2257093c8fe9","slug":"pakistan-army-chief-confirms-death-sentence-of-15-terrorists","type":"story","status":"publish","title_hn":"पाक सेना प्रमुख ने 15 आतंकवादियों की मौत की सजा की पुष्टि की","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
पाक सेना प्रमुख ने 15 आतंकवादियों की मौत की सजा की पुष्टि की
Sun, 16 Dec 2018 07:52 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, इस्लामाबाद
भाषा, इस्लामाबाद
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 16 Dec 2018 07:52 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तानी प्रमुख बाजवा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने 15 ‘‘आतंकवादियों’’ को मिली मौत की सजा की रविवार को पुष्टि की। ये आतंकवादी नागरिकों की हत्या और पेशावर में साल 2016 में क्रिश्चियन कॉलोनी में आत्मघाती हमलों में शामिल थे।
सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जनरल बाजवा ने 15 आतंकवादियों को मिली मौत की सजा की पुष्टि कर दी जो आतंकवाद से संबंधित जघन्य अपराधों में शामिल थे।
बयान में कहा गया है कि आतंकवादियों को सशस्त्र बलों/कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर हमला करने, पेशावर के समीप क्रिश्चियन कॉलोनी पर हमले में शामिल आत्मघाती हमलावरों को उकसाने, शैक्षिक संस्थानों को तबाह करने तथा निर्दोष नागरिकों की हत्या के जुर्म में सजा दी गई।
विज्ञापन
सितंबर 2016 में चार आत्मघाती हमलावरों ने पेशावर में क्रिश्चियन कॉलोनी में हमला कर दिया था। यह कॉलोनी सेना की छावनी के बाहर स्थित है। तालिबान के एक धड़े जमात-उर अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
बयान में कहा गया है कि प्रतिबंधित संगठन के एक सदस्य इबरार ने पेशावर के समीप कॉलोनी पर हमला करने के लिए आत्मघाती हमलावरों को उकसाया और उन्हें हथियार, आत्मघाती जैकेट तथा वाहन उपलब्ध कराए। दोषियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उन्हें मौत की सजा दी गई।
बयान में कहा गया कि दोषियों की आतंकवादी गतिविधियों के कारण 34 लोगों की मौत हुई। उनके पास से हथियार तथा विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई। मौत की सजा के अलावा 20 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई।
विज्ञापन
सेना की मीडिया शाखा इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि जनरल बाजवा ने 15 आतंकवादियों को मिली मौत की सजा की पुष्टि कर दी जो आतंकवाद से संबंधित जघन्य अपराधों में शामिल थे।
विज्ञापन
बयान में कहा गया है कि आतंकवादियों को सशस्त्र बलों/कानून लागू करने वाली एजेंसियों पर हमला करने, पेशावर के समीप क्रिश्चियन कॉलोनी पर हमले में शामिल आत्मघाती हमलावरों को उकसाने, शैक्षिक संस्थानों को तबाह करने तथा निर्दोष नागरिकों की हत्या के जुर्म में सजा दी गई।
विज्ञापन
सितंबर 2016 में चार आत्मघाती हमलावरों ने पेशावर में क्रिश्चियन कॉलोनी में हमला कर दिया था। यह कॉलोनी सेना की छावनी के बाहर स्थित है। तालिबान के एक धड़े जमात-उर अहरार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी।
बयान में कहा गया है कि प्रतिबंधित संगठन के एक सदस्य इबरार ने पेशावर के समीप कॉलोनी पर हमला करने के लिए आत्मघाती हमलावरों को उकसाया और उन्हें हथियार, आत्मघाती जैकेट तथा वाहन उपलब्ध कराए। दोषियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और उन्हें मौत की सजा दी गई।
बयान में कहा गया कि दोषियों की आतंकवादी गतिविधियों के कारण 34 लोगों की मौत हुई। उनके पास से हथियार तथा विस्फोटक सामग्री भी बरामद हुई। मौत की सजा के अलावा 20 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी गई।