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पाक वकीलों का अल्टीमेटम, सात दिन के भीतर पद छोड़ दें पीएम नवाज शरीफ
amarujala.com- Presented by: श्रवण शुक्ला
Updated Sun, 21 May 2017 11:33 AM IST
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nawaz sharif
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पाकिस्तान के वकीलों पनामा पेपर्स प्रकरण पर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। वकीलों ने पीएम शरीफ को सात दिन के भीतर पद छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है।
वकीलों का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ राष्ट्रव्यापी मुहिम चलाई जाएगी। इससे पहले तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान समेत तमाम विपक्षी पार्टियां इस मामले में शरीफ से इस्तीफा मांग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (एलएचसीबीए) ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर इस बाबत घोषणा की।
बार एसोसिएशनों के सम्मेलन के बाद एक संयुक्त बयान में कहा गया कि पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संदर्भ में दोनों बार एसोसिएशनों का मानना है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने कार्यालय में लंबे समय तक बने रहने का औचित्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्पष्ट फैसले में कहा कि शरीफ और उनके बच्चों को वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराया है और इसकी जांच के लिए जांच एजेसियों की एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है।
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वकीलों ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए और उसकी अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस्तीफा देने का 27 मई तक का समय है और अगर वह इसके भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
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वकीलों का कहना है कि अगर प्रधानमंत्री नवाज शरीफ अगर इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ राष्ट्रव्यापी मुहिम चलाई जाएगी। इससे पहले तहरीक ए इंसाफ पार्टी के प्रमुख इमरान खान समेत तमाम विपक्षी पार्टियां इस मामले में शरीफ से इस्तीफा मांग चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) और लाहौर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (एलएचसीबीए) ने शनिवार को संयुक्त बयान जारी कर इस बाबत घोषणा की।
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बार एसोसिएशनों के सम्मेलन के बाद एक संयुक्त बयान में कहा गया कि पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के संदर्भ में दोनों बार एसोसिएशनों का मानना है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अपने कार्यालय में लंबे समय तक बने रहने का औचित्य नहीं है और उन्हें अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अपने स्पष्ट फैसले में कहा कि शरीफ और उनके बच्चों को वित्तीय अनियमितताएं और भ्रष्टाचार के लिए दोषी ठहराया है और इसकी जांच के लिए जांच एजेसियों की एक संयुक्त जांच दल का गठन किया गया है।
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वकीलों ने कहा कि निष्पक्ष जांच के लिए और उसकी अंतिम रिपोर्ट आने तक प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे देना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास इस्तीफा देने का 27 मई तक का समय है और अगर वह इसके भीतर इस्तीफा नहीं देते हैं तो उनके खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान चलाया जाएगा।