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पाक पीएम को सुप्रीम कोर्ट में पेश न होने की सलाह
Updated Sat, 11 Aug 2012 03:10 PM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री रजा परवेज अशरफ के सहयोगियों ने उन्हें सलाह दी है कि राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों को फिर से खोलने के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट के समन के बावजूद वे अदालत में उपस्थित नहीं हों। अशरफ के सहयोगियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि सत्तारूढ़ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) का मानना है कि प्रधानमंत्री के सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित होने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इससे उन्हें जजों की तरफ से कोई राहत भी नहीं मिलेगी।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर 27 अगस्त को अदालत के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया था। प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहयोगी फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कोई सेक्शन ऑफिसर नहीं हैं कि उन्हें बार-बार शीर्ष अदालत द्वारा समन किया जाए।
उन्होंने कहा, ‘न्यायाधीशों का मूड देखते हुए हमने प्रधानमंत्री को सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित न होने और संसद की गरिमा का सवाल उठाने की सलाह दी है। चौधरी ने आगे कहा कि न्यायपालिका द्वारा संसद को उपहास बनाने से प्रधानमंत्री को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की तरह संसद भी अपने अधिकारों की रक्षा करेगी।
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गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर 27 अगस्त को अदालत के समक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया था। प्रधानमंत्री के राजनीतिक मामलों के विशेष सहयोगी फवाद चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री कोई सेक्शन ऑफिसर नहीं हैं कि उन्हें बार-बार शीर्ष अदालत द्वारा समन किया जाए।
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उन्होंने कहा, ‘न्यायाधीशों का मूड देखते हुए हमने प्रधानमंत्री को सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित न होने और संसद की गरिमा का सवाल उठाने की सलाह दी है। चौधरी ने आगे कहा कि न्यायपालिका द्वारा संसद को उपहास बनाने से प्रधानमंत्री को बचाना चाहिए। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की तरह संसद भी अपने अधिकारों की रक्षा करेगी।
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