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विपक्षी दलों ने खारिज किए पाक आम चुनाव के नतीजे, सियासी खेमेबाजी तेज

Sun, 29 Jul 2018 10:29 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Updated Sun, 29 Jul 2018 10:29 AM IST
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Pak general election result 2018: Opposition parties disapproved

पाक में पूर्व क्रिकेटर की पार्टी भले ही सेना और खुफिया एजेंसी की मदद के आरोपों के बीच सबसे अधिक सीटें जीतने में कामयाब हो गई हो लेकिन अभी भी बहुमत से दूर है। इस बीच उसके साथ किसी भी दल के साथ गठबंधन की कवायदें भी उस वक्त धुंधली नजर आने लगीं जब पाक में सियासी दलों के एक समूह ने एक बैठक करके चुनाव नतीजों को खारिज कर दिया। इन विपक्षी पार्टियों ने इमरान के खिलाफ खेमेबाजी तेज करते हुए पारदर्शी तरीके से दोबारा चुनाव कराने की मांग की है।

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270 में से 116 सीटें जीतकर नंबर-1 पर है पीटीआई, दूसरे पर शरीफ की पार्टी को मिलीं 62 सीटें

शुक्रवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) समेत कई राजनीतिक पार्टियों ने एक बैठक के बाद चुनाव नतीजों को खारिज करते हुए कहा कि वे देश भर में विरोध प्रदर्शन करेंगे। इन दलों ने चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। ऑल पार्टीज कांफ्रेंस (एपीसी) की इस संयुक्त बैठक में कहा गया कि जब तक देश में दोबारा पारदर्शी व निष्पक्ष चुनाव नहीं कराए जाते हैं तब तक इमरान खान की पार्टी पीटीआई के सांसदों को संसद में नहीं घुसने दिया जाएगा। एपीसी में पाक संसद की कार्यवाही नहीं चलने देने की बात भी कही गई।
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172 कुल सीटों का सुरक्षित प्रबंध करने वाली कोई एक पार्टी ही पाकिस्तान में सरकार बना सकती है

हालांकि नवाज शरीफ के बाई शहबाज शरीफ ने यह जरूर कहा कि उनकी पार्टी ने फिलहाल संसद के बहिष्कार पर कोई अंतिम फैसला नहीं किया है। बैठक के बाद जमीयत उलमा-ए-इस्लाम पार्टी के अध्यक्ष फजलुर्रहमान ने कहा कि यह इलेक्शन नहीं सिलेक्शन था। उन्होंने कहा कि हम मांग करते हैं कि चुनाव दोबारा कराए जाएं और इसके लिए हम देश भर में प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि पाक में किसी को लोकतंत्र को बंधक बनाने की इजाजत नहीं दी जाएगी। इससे पहले नवाज शरीफ ने भी मौजूदा चुनावों को जनादेश की चोरी बताते हुए संदिग्ध बताया था।
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इमरान के लिए आसान नहीं होगा समर्थन जुटाना

ऑल पार्टीज कांफ्रेंस (एपीसी) की संयुक्त बैठक में पीएमएल-एन के अलावा अधिकांश छोटी सियासी पार्टियों ने हिस्सा लिया। चुनाव बाद संयुक्त रणनीति के लिए एक दर्जन से अधिक पार्टियों की इस बैठक में तीसरे नंबर की पीपीपी ने हिस्सा नहीं लिया। मुत्ताहिदा मजलिस-ए-अमल, पीएसपी, एएसपी, क्यूडब्ल्यूपी, एनपी आदि ने बैठक में इमरान की जीत का विरोध किया। पाक में सरकार बनाने के लिए 137 सीटों की जरूरत होती है, लेकिन इमरान इससे दूर हैं जबकि दूसरे दलों के विरोध के चलते उनसे समर्थन लेना भी इमरान खान के लिए आसान नहीं होगा।


राजनीतिक दलों के चुने गए सांसद नहीं लेंगे शपथ

एपीसी की संयुक्त बैठक में शामिल सभी राजनीतिक पार्टियों ने यह फैसला भी लिया कि उनके चुने गए सांसद शपथ नहीं लेंगे। चुनाव में धांधली के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा और दोबारा चुनाव कराने की मांग को लेकर सड़क पर उतरा जाएगा। विरोध प्रदर्शन शुरू करने के लिए तारीख का एक-दो दिन में एलान कर दिया जाएगा। बैठक को संबोधित करते हुए जेयूआई-एफ प्रमुख ने कहा कि संसद ने निष्पक्ष चुनाव के लिए पाक चुनाव आयोग को 20 अरब रुपए दिए थे लेकिन ये चुनाव निष्पक्ष नहीं हुए, बल्कि इसमें सेना ने चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाए रखा।

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