फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   opposition came together: can Imran become Pak PM?

इमरान का रास्ता रोकने के लिए पाकिस्तान में विरोधी दल आए एक साथ

Fri, 03 Aug 2018 12:07 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला
न्यूज डेस्क,अमर उजाला Updated Fri, 03 Aug 2018 12:07 PM IST
सार


 

विज्ञापन
opposition came together: can Imran become Pak PM?
इमरान खान

विस्तार

पाकिस्तान की जनता के लिए इमरान खान जहां एक नई उम्मीद बन कर आये हैं वहीं सियासी पार्टियों के लिए वो चिंता का सबब बन गए है। बड़ी राजनैतिक पार्टियों ने इमरान की ऐतिहासिक जीत से घबराकर एक छत के नीचे आने का फैसला किया है। दो प्रमुख पार्टियों ने ऑल पार्टी कॉन्फ्रेंस के नाम से गठबंधन किया है और इमरान के शपथ ग्रहण से पहले ही ऐलान कर दिया कि प्रधानमंत्री पद के लिए वो अपना उम्मीदवार खड़ा करेंगे। हालांकि इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ सबसे बड़ी पार्टी बन कर उभरी है पर सरकार बनाने के लिए अभी भी डेढ़ दर्जन नंबरों की दरकार है। माना जा रहा है कि वे कुछ निर्दलीय नेताओं से समर्थन ले सकते हैं।
विज्ञापन


चुनाव में शिकस्त का स्वाद चख चुकी दो पार्टियों ने इमरान के प्रधानमंत्री बनने के मंसूबों को पूरा ना होने देने के लिए गठबंधन कर लिया है। पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (एन) और बेनजीर भुट्टो की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने एकसाथ आते हुए धार्मिक पार्टी मुत्तहिदा मजलिसे अमल सहित कुछ छोटी पार्टियों ने गठबंधन कर लिया है। गुरुवार को इस्लामाबाद में इसका एलान किया गया।
विज्ञापन


तो क्या इमरान को पीएम पद पाने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा? ये सवाल इस महागठबंधन के बाद अहम हो जाता है। क्योंकि इमरान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 272 सीटों में से  116 सीटों पर जीत दर्ज की है। और सरकार बनाने के लिए 137 सीटों की जरूरत है जिसके लिए इमरान को गठबंधन की जरुरत होगी। पीपीपी के पास 44 सीट हैं जबकि पीएमएलएन के पास 64 और बाकी अन्य। अगर ये सभी एक हो जायें तो इमरान खान सबसे बड़ी पार्टी होने बाद भी सरकार का गठन नहीं कर पायेंगे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जाहिर है कि ऐसी स्थिति में सेना एक बार फिर अहम किरदार में आ जाएगी।गौरतलब है कि इस सभी बड़ी पार्टियों ने चुनाव में धांधली और पक्षपात का आरोप पहले ही सेना पर लगाया है तो क्या इमरान को समर्थन दे रही सेना के सामने ये गठबंधन टिक पायेगी ? हांलाकि पाकिस्तान के राजनैतिक जानकारों के मुताबिक इमरान आसानी से सरकाार बनाने की स्थिति में हैं और एक हुआ विपक्ष उन्हे हरगिज रोक नही पाएगा।

नवाज और भुट्टो की पार्टी के उम्मीदवारों के साथ कई छोटी पार्टियाों के उम्मीदवार भी चुनाव में इमरान की पार्टी से बुरी तरह से हारे फिर भी इन्हे उम्मीद है कि एक साथ महागठबंधन कर प्रधानमंत्री इमरान को प्रधानमंत्री बनने से रोका जा सकेगा। पाकिस्तान की सियासी पार्टियां भी भारत का अनुसरण करती नजर आ रही हैं क्योंकि हमारे यहां मोदी के विजय रथ को रोकने के लिए राजनैतिक और क्षेत्रीय पार्टियां एक जुट हो रही है जिसका नतीजा 2019 के चुनाव में पता चलेगा।


बहरहाल इमरान खान अगर इस परीक्षा से पास हो भी जाते हैं तो पाकिस्तान की संसद में बिल पास करने के लिए बहुमत चाहिए होगी और विपक्ष अगर एकजुट हो जाए तो ये इतना आसान नहीं होगा। इमरान खान 11 अगस्त को पाक पीएम पद की शपथ लेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed