फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   Now sharif to go through tough exam

'अब होगा नवाज शरीफ का असली इम्तेहान'

Sun, 26 Jul 2015 11:39 AM IST
Updated Sun, 26 Jul 2015 11:39 AM IST
विज्ञापन
Now sharif to go through tough exam

पाकिस्तान में चुनावी धांधली के आरोपों की जांच करने वाले आयोग की रिपोर्ट और बाढ़ से होने वाली तबाही की पाकिस्तानी उर्दू मीडिया में ख़ासी चर्चा है। 'जंग' ने इस न्यायिक आयोग की रिपोर्ट को देश में 'एक नए दौर का आगाज़' बताया है।

विज्ञापन


अख़बार कहता है कि जांच रिपोर्ट के मुताबिक़ 2013 के चुनावों में किसी तरह की धांधली के सबूत नहीं मिले, जैसा कि विपक्षी तहरीके इंसाफ़ पार्टी ने आरोप लगाए थे। जहां प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने राष्ट्र के नाम संबोधन में आयोग की रिपोर्ट का स्वागत किया है, वहीं तहरीके इंसाफ़ पार्टी नेता इमरान ख़ान ने भी इसके नतीजों को मान लिया है।
विज्ञापन


अख़बार लिखता है कि इस तरह देश में लंबे समय से जारी तनाव, खींचतान और आरोपों और दोषारोपण का दौर ख़त्म हो गया है।

'जसारत' लिखता है कि रिपोर्ट से लगता है, एक बड़ा सियासी संकट टल गया है और अब नवाज शरीफ़ सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी। अख़बार की राय है कि अब असली इम्तिहान नवाज़ शरीफ़ का है कि वो इस आयोग की रिपोर्ट को किसी की हार जीत का मुद्दा बनाए बिना देश के सामने मौजूद समस्याओं को हल करने के लिए क़दम उठाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन


रोज़नामा 'दुनिया' लिखता है कि सरकार एक बड़े दबाव से निकल गई है और अब उसे 10-11 महीनों से ठप पड़ी चुनाव सुधार कमेटी को सक्रिय करने पर ध्यान देना चाहिए ताकि आगे चुनावों पर कोई उंगली न उठा सके।

रोज़नामा 'पाकिस्तान' के मुताबिक़ जो भी हो, इस पूरी प्रक्रिया से पाकिस्तान में लोकतंत्र और मज़बूत हुआ है और एक इतिहास रचा गया है।

बाढ़ से तबाही

Now sharif to go through tough exam

रोज़नामा 'वक़्त' ने लिखा है पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर, गिलगित और चितराल समेत कई इलाकों में बाढ़ ने तबाही मचा रखी है जिससे हज़ारों लोगों के बेघर होने और कईयों के मारे जाने की ख़बरें हैं।

अख़बार लिखता है कि देश में तकरीबन हर साल बाढ़ आती है लेकिन इसकी तबाहियों से बचने के लिए सरकार दावे तो हमेशा करती है लेकिन कभी कोई ठोस योजना सामने नहीं आती। रोज़नामा एक्सप्रेस लिखता है कि अगर सरकार संकल्प कर ले तो न सिर्फ़ इस तबाही से बचा जा सकता है बल्कि पानी को बांधों में जमा कर सस्ती बिजली बनाई जा सकती है, ज़मीनों को सींचा जा सकता है, ज़रूरत है तो बस नेकनीयत की।

वहीं रोज़नामा 'अमन' के संपादकीय में एक अमरीकी रिपोर्ट का ज़िक्र है जिसके मुताबिक़ पाकिस्तान उन पांच देशों में शामिल है जहां के लोगों के भीतर अच्छे भविष्य की उम्मीदों में पिछले एक साल में बेहतरी आई है। रिपोर्ट के मुताबिक़ ऐसे अन्य चार देश हैं भारत,नाइजारिया,अर्जेंटीना और स्पेन।




विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed