फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Pakistan ›   'No government in Pakistan, nor cabinet'

'पाकिस्तान में न कोई सरकार, न ही कैबिनेट'

Sat, 29 Jul 2017 12:40 PM IST
BBC
BBC Updated Sat, 29 Jul 2017 12:40 PM IST
विज्ञापन
'No government in Pakistan, nor cabinet'

पनामा पेपर्स मामले में सुप्रीम कोर्ट के शुक्रवार को सुनाए फैसले के बाद से इस वक्त पाकिस्तान में न कोई सरकार है न ही कोई कैबिनट अस्तित्व में है। प्रधानमंत्री भी सरकारी आवास खाली करके जा चुके हैं। लेकिन मुस्लिम लीग (नवाज) की आपस में बातचीत जारी है। पार्टी ने इस्लामाबाद में जो बैठक बुलाई है, उसमें प्रधानमंत्री के नाम पर बात हो सकती है। मीडिया में जो नाम सामने आ रहा है, उसके मुताबिक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को 45 दिनों के लिए प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है जिसके बाद नवाज शरीफ के भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री शहबाज शरीफ को असेंबली का चुनाव लड़वा जाएगा और जब वो चुन लिए जाएंगे, जब उनको प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।

विज्ञापन


नवाज शरीफ के मंत्री एक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ये इच्छा जाहिर की है कि सरकार तोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है और जो जून 2018 में सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उसे वो पूरा करेंगे। इससे ये लगता है कि पार्टी के भीतर से ही किसी को प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। अब जो भी सरकार का नया चेहरा होगा, उसे दिक्कतें होंगी।
विज्ञापन

शरीफ परिवार से जैसे सुप्रीम कोर्ट ने हिसाब किताब मांगा है उससे तो लगता है कि शाहबाज शरीफ भी सख्त निगरानी में होंगे। लेकिन मुस्लिम लीग (नवाज) के लिए सबसे बड़ी चुनौती ये है कि चुनाव तक इंतजार करें। वो भी यही चाहते हैं कि वक्त से पहले चुनाव न करवाए जाएं ताकि पाकिस्तान में बिजली की कटौती खत्म करने जैसे वादों को पूरा किया जा सके। साथ ही विक्टम कार्ड का भी चुनाव में फायदा मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


नवाज शरीफ ने 2013 चुनाव में बहुमत हासिल किया था। उनकी पोजिशन असेंबली में काफी अच्छी रही है। शरीफ के बाद इमरान खान की पीटीआई और पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया पार्टी हैं। ये दो बड़े दल हैं लेकिन इन दोनों के बीच गठबंधन होने की उम्मीदें कम ही हैं। अगर चार-पांच छोटी पार्टियां मिल जाएं तो बात अलग है। पर इसकी संभावनाएं कम ही दिखती हैं।

'No government in Pakistan, nor cabinet'

जो सियासी झटका लगना था, वो सुप्रीम कोर्ट ने दे दिया है। सरकार के लोगों से अगर आप बात करें तो वो लोग कहते हैं कि लंदन के फ्लैट और न ही पनामा लीक में जो आरोप हैं, इनमें से किसी में सजा नहीं मिली। बल्कि यूएई में जो बेटे की कंपनी में बिना सैलरी के चेयरमैन थे, उसको वजह बनाकर बड़े कमजोर केस में नवाज को सजा मिली है। लेकिन विपक्षी पार्टियां इस पर खुशी जाहिर की है। इमरान खान ने रविवार को इस्लामाबाद में बहुत बड़े जलसे का ऐलान किया है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सेना की तरफ से खामोशी हैष सेना की तरफ से कोई ट्वीट भी नहीं आया है लेकिन पिछले दिनों एक जांच टीम बनी थी, जिसमें आईएसआई और एमआई के लोग भी थे। तब फौज ने कहा था कि जो मुल्क का कानून है उसके मुताबिक जो उनसे चीजें मांगी गई हैं फौज वो पूरा कर रही है। इस पर काफी लोगों ने तनकीद भी की थी।

लेकिन आज मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दबे शब्दों में कुछ इशारे तो किए हैं कि यहां फौजी आए और 12-12 साल राज करके चले गए, इन लोगों से कभी जवाब नहीं मांगे गए।
ये कुर्बानी हमेशा सियासी लोगों से ही क्यों मांगी जाती है। साद रफीक जो रेलवे के मंत्री थे, उनका कहना था कि अब जब मुस्लिम लीग (नवाज) आएगी, बार-बार राजनीतिज्ञों को बाहर जाने से रोकने के लिए कानून लाएगी। लेकिन वो सफल होंगे या नहीं, ये वक्त की गोद में छिपा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news, Crime all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed