कौन हैं शाहबाज शरीफ, जो बन सकते हैं पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री
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पनामागेट मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा नवाज शरीफ को दोषी ठहराए जाने के बाद उनके छोटे भाई और पीएमएल (एन) नेता शाहबाज शरीफ को पाकिस्तान के अगले प्रधानमंत्री बनने के लिए पार्टी द्वारा उनका नाम आगे किया गया है। नवाज के इस्तीफे के बाद से ही शाहबाज के नाम के कयास लगाए जा रहे थे।
शाहबाज फिलहाल पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं। कार्यवाहक प्रधानमंत्री की नियुक्ति के लिए, पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) कल इस्लामाबाद में पार्टी मीटिंग करेगी। हालांकि कार्यवाहक पीएम को कम से कम 45 दिनों के कार्यभार के संचालन के बाद ही पाकिस्तान के प्रधान मंत्री के पद पर बैठाया जाएगा।
पीएम बनने के लिए शहबाज को सीएम पद से इस्तीफा देना होगा और उन्हें नैशनल असेंबली के लिए चुना जाना होगा। सत्तारूढ़ पीएमएल-एन का अध्यक्ष होने के कारण नवाज शरीफ अपने उत्तराधिकारी का चयन करने का अधिकार रखते हैं। उनके द्वारा चुने हुए व्यक्ति के नाम पर नैशनल असेंबली में वोटिंग होगी। चूंकि संसद में नवाज की पार्टी का बहुमत है तो ऐसे में उनके द्वारा चुने हुए व्यक्ति को पीएम बनने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
कौन हैं शाहबाज
शाहबाज शरीफ का जन्म 1951 हुआ। शहबाज 2013 से पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री हैं। 2013 में उन्होंने तीसरी बार पंजाब प्रांत के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले शहबाज, फरवरी 1997 से अक्टूबर 1999 और जून 2008 से मार्च 2013 तक पंजाब के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
शाहबाज शरीफ मरहूम मियां मुहम्मद शरीफ के बेटे हैं। उनके भाई, नवाज शरीफ पाकिस्तान के पीएम थे। जिन्हें पाकिस्तान के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोग्य घोषित कर दिया है। उनके बेटे, हमजा शाहबाज शरीफ पाकिस्तान की राष्ट्रीय सभा के सदस्य हैं।
शहबाज शरीफ ने लाहौर गवर्नमेंट कॉलेज से स्नातक किया। शहबाज ने एक बीजनेस मैन के तौर पर अपने कैरियर की शुरुवात की और 1985 में लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट बने।
अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने कई ऊंच-नीच देखी है। राजनीति में सक्रीय रूप से आने के बाद वह 1988 से 1990 तक वह पंजाब असेंबली के मेंबर रहे और 1990 से 1993 तक शाहबाज नेशनल असेंबली के भी मेंबर रह चुके हैं।
पाक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे शाहबाज 1993 से 1996 तक पंजाब विधानसभा में विपक्षी नेता की भी भूमिका अदा कर चुके हैं। इसके बाद 1997 में वह पहली बार पंजाब के मुख्यमंत्री बने और 1999 तक राज्य की कमान उनके हाथों में रही। इसके बाद पंजाब में पीएमएल-एन के दोबारा जीतने पर उन्हें 2008 में पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया गया। अपने पांच साल का शासनकाल पूरा करने के बाद शाहबाज 2013 में तीसरी बार पंजाब का मुख्यमंत्री बने।