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पाकिस्तान के 13 शहरों में लगे सैन्य तख्तापलट की मांग वाले पोस्टर
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
Updated Tue, 12 Jul 2016 04:14 PM IST
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क्या पाकिस्तान में फिर से लगेगा सेना का शासन?
- फोटो : Dawn
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पाकिस्तान में एक बार फिर से सेना के शासन की खबरें आने से वहां का राजनीति माहौल गर्म हो गया है। पाकिस्तान के पंजाब की एक छोटी और कम जाने वाली राजनीतिक पार्टी ने पूरे पाकिस्तान के 13 शहरों में ऐसे पोस्टर लगाए हैं कि वहां पर राजनीतिक बाजार में नई चर्चाओं का दौर चल निकला है। एक राजनीतिक पार्टी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख राहील शरीफ से देश में मार्शल लॉ लगाने की बात की मांग करते हुए नई टेक्नोक्रेट सरकार बनाने के लिए कहा है।
पाकिस्तान के कराची, पेशावर, क्वेटा, रावलपिंडी, फैसलाबाद, सारगोधा, हैदराबाद में यह बैनर लगाए गए हैं। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख से अपने रिटायरमेंट को लेकर सोचने की बात कही गई है। आपको बताते चले कि राहील शरीफ आने वाले नवंबर में रिटायर होने वाले हैं।
कराची में रेंजर्स हाउस और मुख्यमंत्री आवास के बीच लगे पोस्टर में कहा गया है कि 'जाने की बातें हुई पुरानी, खुदा के लिए अब आ जाओ'। यह सीधे तौर पर राहील शरीफ से कहा गया है क्योंकि पोस्टर में उनकी तस्वीरें भी हैं।
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इस पोस्टर को लगाने वाली पार्टी के मुख्य संयोजक अली हाशमी ने डॉन को बताया कि हमारे प्रचार का मुख्य मकसद सेना को प्रमुख को इस बात के लिए सुझाव देना है कि देश में मॉर्शल लॉ लगाकर वो टेक्नोक्रेट की एक सरकार बनाएं। साथ ही उस सरकार को खुद ही जनरल राहील शरीफ देंखे।
वहीं सेना के मुखपत्र इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन अभी तक इस मामले में शांत है। विशेषज्ञ अमीर राना कहते हैं कि यह हालिया कदम इस तरफ इशारा करते हैं कि कुछ तो अंदरूनी खाने में चल रहा था।
यह सभी बैनर आर्मी के क्षेत्र के साथ-साथ कई सुरक्षा क्षेत्रों में लगाए गए हैं। सवाल उठ रहा है कि इतनी सुरक्षा के बाद भी ऐसे बैनर इन इलाकों में कैसे लगा दिए गए। हाशमी ने दावा कि पार्टी के बैनर को लाहौर और फैसलाबाद में हटा दिया गया है।
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पाकिस्तान के कराची, पेशावर, क्वेटा, रावलपिंडी, फैसलाबाद, सारगोधा, हैदराबाद में यह बैनर लगाए गए हैं। इसमें पाकिस्तान के सेना प्रमुख से अपने रिटायरमेंट को लेकर सोचने की बात कही गई है। आपको बताते चले कि राहील शरीफ आने वाले नवंबर में रिटायर होने वाले हैं।
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कराची में रेंजर्स हाउस और मुख्यमंत्री आवास के बीच लगे पोस्टर में कहा गया है कि 'जाने की बातें हुई पुरानी, खुदा के लिए अब आ जाओ'। यह सीधे तौर पर राहील शरीफ से कहा गया है क्योंकि पोस्टर में उनकी तस्वीरें भी हैं।
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इस पोस्टर को लगाने वाली पार्टी के मुख्य संयोजक अली हाशमी ने डॉन को बताया कि हमारे प्रचार का मुख्य मकसद सेना को प्रमुख को इस बात के लिए सुझाव देना है कि देश में मॉर्शल लॉ लगाकर वो टेक्नोक्रेट की एक सरकार बनाएं। साथ ही उस सरकार को खुद ही जनरल राहील शरीफ देंखे।
वहीं सेना के मुखपत्र इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन अभी तक इस मामले में शांत है। विशेषज्ञ अमीर राना कहते हैं कि यह हालिया कदम इस तरफ इशारा करते हैं कि कुछ तो अंदरूनी खाने में चल रहा था।
यह सभी बैनर आर्मी के क्षेत्र के साथ-साथ कई सुरक्षा क्षेत्रों में लगाए गए हैं। सवाल उठ रहा है कि इतनी सुरक्षा के बाद भी ऐसे बैनर इन इलाकों में कैसे लगा दिए गए। हाशमी ने दावा कि पार्टी के बैनर को लाहौर और फैसलाबाद में हटा दिया गया है।
'नवाज शरीफ देश से 40 दिन से भी ज्यादा बाहर रहते'
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- फोटो : getty images
पाकिस्तान की इस पार्टी को जमीनी स्तर पर थोड़ा समर्थन भी मिल रहा है। यह पार्टी तीन साल पहले पाकिस्तान के चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड हुई थी। इस पार्टी को फैसलाबाद के व्यापारी मोहम्मद कामरान का समर्थन मिल रहा है। वो इस पार्टी के चेयरमैन भी हैं। मोहम्मद कामरान सरगोधा और लाहौर में कई स्कूल चलाने के साथ बिजनेस भी करते हैं।
पार्टी पहली बार चर्चा में तब आई थी जब फरवरी में पूरे पाकिस्तान में उसने पोस्टर लगाकर आर्मी प्रमुख राहील शरीफ से अनुरोध किया था कि वो रिटायर न हो और भ्रष्टाचार और आतंकवाद से लड़ने से देश की मदद करें।
पांच महीने पहले भी इस बात को कहा गया था कि अब देश में कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए देश में मॉर्शल लॉ लगाने के साथ-साथ एक ऐसी सरकार बनानी चाहिए जोकि टेक्नोक्रेट ने बनाई हो।
अली हाशमी ने कहा कि नवाज शरीफ देश से 40 दिन से भी ज्यादा बाहर रहते हैं। ऐसे में साफ हो गया है कि यहां पर किसी भी राजनीतिक सरकार की जरूरत नहीं थी। जिन लोगों को इस देश को चलाना चाहिए वो खुद ही इस प्रक्रिया से भाग रहे हैं।
अली हाशमी ने कहा कि आने वाले समय में फैसलाबाद से लाहौर और कराची से सुककूर तक में रैलियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राहील शरीफ से अनुरोध किया जाएगा कि उन्हें खुद देश और राष्ट्र के भले के लिए आगे आना चाहिए।
विशेषज्ञ अमीर राना ने कहा कि इस प्रचार के पीछे कुछ छुपी हुई ताकतें भी हो सकती हैं। इस मुद्दे पर टीवी शो और सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। इन चर्चाओं को लेकर वर्तमान सतारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है।
एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में एक मंत्री मोहम्मद जुबैर ने कहा कि आर्मी चीफ राहील शरीफ ने अपना कार्यकाल बढ़ाने को लेकर अपनी राय जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा कि वो अपना कार्यकाल बढ़ाना नहीं चाहते हैं। जुबैर ने कहा कि वो एक शानदार संस्थान के प्रमुख हैं। जो भी उनका स्थान लेगा वो उनके जैसा ही काबिल और योग्य व्यक्ति होगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्टर और बैनर लगाने पर कानूनी विशेषज्ञ ही अपनी राय दे सकते हैं कि क्या इस पर कोई कार्रवाई की जा सकती है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री के सलाहकार मौला बक्स चांदियो ने कहा कि जनरल राहील वहीं निर्णय करेंगे जो देशहित में होगा।
पार्टी पहली बार चर्चा में तब आई थी जब फरवरी में पूरे पाकिस्तान में उसने पोस्टर लगाकर आर्मी प्रमुख राहील शरीफ से अनुरोध किया था कि वो रिटायर न हो और भ्रष्टाचार और आतंकवाद से लड़ने से देश की मदद करें।
पांच महीने पहले भी इस बात को कहा गया था कि अब देश में कोई विकल्प नहीं बचा है। इसलिए देश में मॉर्शल लॉ लगाने के साथ-साथ एक ऐसी सरकार बनानी चाहिए जोकि टेक्नोक्रेट ने बनाई हो।
अली हाशमी ने कहा कि नवाज शरीफ देश से 40 दिन से भी ज्यादा बाहर रहते हैं। ऐसे में साफ हो गया है कि यहां पर किसी भी राजनीतिक सरकार की जरूरत नहीं थी। जिन लोगों को इस देश को चलाना चाहिए वो खुद ही इस प्रक्रिया से भाग रहे हैं।
अली हाशमी ने कहा कि आने वाले समय में फैसलाबाद से लाहौर और कराची से सुककूर तक में रैलियां आयोजित की जाएंगी। इस दौरान राहील शरीफ से अनुरोध किया जाएगा कि उन्हें खुद देश और राष्ट्र के भले के लिए आगे आना चाहिए।
विशेषज्ञ अमीर राना ने कहा कि इस प्रचार के पीछे कुछ छुपी हुई ताकतें भी हो सकती हैं। इस मुद्दे पर टीवी शो और सोशल मीडिया पर भी चर्चाओं का बाजार गर्म रहता है। इन चर्चाओं को लेकर वर्तमान सतारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग ने इस पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है।
एक निजी टीवी चैनल के कार्यक्रम में एक मंत्री मोहम्मद जुबैर ने कहा कि आर्मी चीफ राहील शरीफ ने अपना कार्यकाल बढ़ाने को लेकर अपनी राय जाहिर कर दी है। उन्होंने कहा कि वो अपना कार्यकाल बढ़ाना नहीं चाहते हैं। जुबैर ने कहा कि वो एक शानदार संस्थान के प्रमुख हैं। जो भी उनका स्थान लेगा वो उनके जैसा ही काबिल और योग्य व्यक्ति होगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे पोस्टर और बैनर लगाने पर कानूनी विशेषज्ञ ही अपनी राय दे सकते हैं कि क्या इस पर कोई कार्रवाई की जा सकती है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और सिंध प्रांत के मुख्यमंत्री के सलाहकार मौला बक्स चांदियो ने कहा कि जनरल राहील वहीं निर्णय करेंगे जो देशहित में होगा।