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फोन घुमाओ, अदालत हाजिर
Updated Sun, 28 Jul 2013 04:59 PM IST
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पाकिस्तान के ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह प्रांत में देश की पहली मोबाइल अदालत शुरू की गई है। स्थानीय लोग फ़ोन करके अब अदालत को अपने इलाक़े में बुला सकते हैं।
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पेशावर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस दोस्त मोहम्मद ख़ान ने शनिवार को इस अदालत का उद्घाटन किया। हाईकोर्ट के अहाते में खड़ी मोबाइल कोर्ट की वैन ने पहले ही दिन छह मामूली मामले निपटा दिए।
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पत्रकारों से बातचीत में चीफ जस्टिस दोस्त मोहम्मद खान ने कहा कि मोबाइल कोर्ट का मक़सद गरीब लोगों को उनकी दहलीज़ पर सस्ता इंसाफ उपलब्ध कराना है।
इससे दूरदराज़ के इलाक़ों में रहने वालों को अपने मुक़दमों की पैरवी के लिए पेशावर या दूसरे बडे़ शहरों तक नहीं आना पड़ेगा। अदालत ख़ुद उनके इलाक़े में जाकर उन्हें इंसाफ मुहैया कराएगी।
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लोगों को मुफ़्त सेवा
चीफ जस्टिस दोस्त मोहम्मद खान ने कहा कि अब लोगों के मामले स्थानीय स्तर पर ही हल हो पाएंगे। उनके मुताबिक़ यह मुफ़्त सेवा होगी और इसके तहत कोई भी नागरिक फ़ोन करके अदालत को अपने इलाक़े में बुला सकेगा। इसके लिए किसी से कोई फ़ीस भी नहीं ली जाएगी।
इस मोबाइल कोर्ट को कामयाब बनाने के लिए नौ जजों और अट्ठारह वकीलों को प्रशिक्षण दिया गया है।
ख़ैबर पख़्तूनख़्वाह इलाक़े में मोबाइल कोर्ट की सुरक्षा भी एक अहम सवाल है। इस बारे में चीफ जस्टिस का कहना है कि जिस इलाक़े में मोबाइल कोर्ट जाएगी, वहां सुरक्षा का पुख़्ता इंतजाम किया जाएगा।
वैन में जज का चैंबर
मोबाइल कोर्ट के लिए यूएनडीपी की मदद से एक ख़ास वैन तैयार की गई है, जिसे नई तकनीक से लैस किया गया है। इस वैन में जजों, वकीलों और पेशकारों के लिए अलग-अलग चैंबर बनाए गए हैं।
पेशावर हाईकोर्ट में मोबाइल कोर्ट कार्यक्रम के प्रभारी रफ़त आलम ने बीबीसी को बताया कि जिस इलाक़े से ज्यादा शिकायतें मिलेंगी, अदालत वहां जाकर सुनवाई करेगी और मौक़े पर ही फ़ैसला भी देगी।
उन्होंने कहा कि शुरुआत में इस अदालत में दीवानी और फ़ौजदारी के मामूली मामले निपटाए जाएंगे। बाद में वक़्त के साथ-साथ इसका दायरा बढ़ाया जा सकता है।