'मेरे ऊपर हमले के लिए ISI जिम्मेदार'
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पाकिस्तान के पत्रकार हामिद मीर ने पिछले हफ्ते अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के लिए देश की ख़ुफ़िया एजेंसी पर आरोप लगाए हैं। हमले के बाद पहली बार एक बयान जारी करते हुए हामिद मीर ने यह बात कही है। हामिद मीर पाकिस्तान के प्रमुख निजी टीवी चैनल जियो न्यूज के मशहूर एंकर और संपादक हैं, वो पहले भी कई बार विवादों में रहे हैं।
उन पर रविवार को कराची में हमला हुआ था, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी इंटर सर्विस इंटेलिजेंस (आईएसआई) ने उनके आरोपों को ख़ारिज करते हुए उन्हें आधारहीन और भ्रामक बताया है। आईएसआई पर आरोप लगने के बाद क्लिक करें रक्षा मंत्रालय ने मीडिया पर नज़र रखने वाले प्राधिकरण से जियो न्यूज का लाइसेंस रद्द करने को कहा है।
हामिद मीर, पत्रकार, जियो टीवी ने कहा कि "मैं सरकारी और ग़ैर सरकारी दोनों तरफ़ के लोगों की धमकियों का सामना कर रहा था। लेकिन हाल के दिनों के घटनाक्रम से मुझे लगा कि अपने सहकर्मियों को उन तत्वों के बारे में बता देना चाहिए, जो मुझे मारने की कोशिश कर सकते हैं"
हामिद मीर का बयान गुरुवार देर रात उनके भाई आमिर मीर ने पढ़कर सुनाया। आमिर मीर इसके पहले जियो न्यूज़ पर भी इस हमले के लिए आईएसआई को ज़िम्मेदार ठहरा चुके हैं।
'सेना और टीवी चैनलों के बीच तेज़ होगा टकराव'
हालांकि बाद में इस टीवी चैनल ने इन आरोपों से दूरी बना ली थी। इस्लामाबाद में मौजूद बीबीसी संवदादाता किम घेटास का कहना है कि हामिद के नए बयान को प्राइम टाइम में प्रमुखता से जगह मिली और इससे सेना और टीवी चैनलों के बीच टकराव तेज़ होगा।
हामिद मीर ने अपने बयान में कहा है, ''मैं सरकारी और ग़ैर सरकारी दोनों तरफ़ के लोगों की धमकियों का सामना कर रहा था। लेकिन हाल के दिनों के घटनाक्रम से मुझे लगा कि अपने सहकर्मियों को उन तत्वों के बारे में बता देना चाहिए, जो मुझे मारने की कोशिश कर सकते हैं।''
उन्होंने एक घटना का वर्णन करते हुए बताया, जब ख़ुफ़िया सेवा के एक अधिकारी ने उनके घर आकर कहा कि उनका नाम हिट लिस्ट में था। बयान में हामिद ने कहा है, ''मैंने उनसे (सहकर्मियों) कहा कि ताज़ा हालात में मैं आईएसआई से सबसे अधिक ख़तरा महसूस कर रहा हूँ।''
बयान में दावा किया गया है कि आईएसआई बलूचिस्तान में की गई उनकी रिपोर्टिंग और ख़ुफ़िया एजेंसी की आलोचना से नाराज़ थी। उन्होंने कहा, ''सरकारी एजेंसियां पत्रकारों को सच बोलने और लिखने से रोकने के लिए अक्सर गैर सरकारी लोगों के नाम का प्रयोग करती हैं।''
जब हामिद मीर के भाई ने हमले के लिए ख़ुफ़िया एजेंसी को ज़िम्मेदार ठहराया तो आईएसआई ने इसकी निंदा की, वहीं रक्षा मंत्रालय ने कहा कि जियो न्यूज आईएसआई का नाम बदनाम कर रही है।
पाकिस्तान में मीडिया पर खतरा बढ़ेगा?
पाकिस्तान की मीडिया नियामक संस्था जियो टीवी को निलंबित करने के अनुरोध पर विचार कर रही है। रक्षा मंत्रालय ने जियो न्यूज़ पर पाकिस्तान की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के लिए काम कर रही एजेंसियों के ख़िलाफ़ निंदात्मक और बदनाम करने वाले अभियान चलाने का आरोप लगाया है।
हामिद मीर पर हमले के बाद की कवरेज को लेकर उसके प्रतिद्वंदी चैनलों और पूर्व सैन्य विश्लेषकों ने जियो टीवी की आलोचना की है। इस शिकायत पर जियो टीवी ने कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है, उसका कहना है कि वह इस मामले में केवल मीर के परिवार की प्रतिक्रिया की ख़बर दी है और प्रतिद्वंदी चैनल आईएसआई पर लगाए गए आरोपों के लिए जियो टीवी को ग़लत तरीके से जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
किम घेटास, बीबीसी संवाददाता, इस्लामाबाद के मुताबिक "हामिद के नए बयान को प्राइम टाइम में प्रमुखता से जगह मिली और इससे सेना और टीवी चैनलों के बीच टकराव तेज़ होगा"।
यह गोलीबारी पाकिस्तान में रोज़ ख़तरों का सामना कर रहे पत्रकारों के लिए हिंसक चेतावनी है। संवाददाताओं का कहना है कि इस घटना ने देश में मीडिया के मानकों की समस्या पर भा प्रकाश डाला है।
हामिद मीर अमरीका में 11 सितंबर 2001 की घटना के बाद ओसामा बिन लादेन का साक्षात्कार लेने वाले पहले पत्रकार थे। वो पाकिस्तान के प्रमुख एंकरों में से एक हैं, उनपर तालेबान ने 2012 में हमला किया था, जिसमें वो बच गए थे।
इस ताज़ा हमले में हामिद मीर के पैर और पेट में छह जख़्म हुए हैं। रविवार को जब वो कराची हवाई अड्डे से अपने दफ़्तर की और लौट रहे थे, तो मोटरसाइकिल पर सवार लोगों ने उनकी कार पर गोली चलाई थी।
अभी यह साफ़ नहीं हो पाया है कि इस हमले को किसने अंजाम दिया और किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।