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खुफिया एजेंसियों पर अपहरण का आरोप

Sat, 27 Oct 2012 03:50 PM IST
Updated Sat, 27 Oct 2012 03:50 PM IST
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inteliigence agencies accused of kidnapping

पाकिस्तान प्रशासित कश्मीर में एक महिला ने खुफिया एजेंसियों पर अपने पति के अपहरण के गंभीर आरोप लगाए हैं।

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शाहनाज़ अख्तर नामक इस महिला का कहना है कि उनके पति काज़ी खुशाल को दो हफ्ते पहले एक सैनिक चौकी से गिरफ्तार किया गया था। इसके लिए उन्हें कोई कारण नहीं बताया गया है। जानकारों का कहना है कि पाकिस्तान में इस तरह से बिना वजह बताए हिरासत में लेना कोई नई बात नहीं है, लेकिन उनमें से कुछ ही सार्वजनिक रूप से इसके खिलाफ आवाज उठा पाते हैं।

वहीं खुफिया विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि उसे इस गिरफ्तारी के बारे में कुछ भी पता नहीं है। इस तरह के कुछ मामले पुलिस या अदालत में आते हैं क्योंकि लोगों को डर रहता है कि उन्हें या उनके रिश्तेदारों को प्रताड़ित किया जा सकता है। पैंतीस वर्षीय शाहनाज़ अख़्तर एक स्कूल में अध्यापिका हैं जो कि मुज़फ़्फ़राबाद के बाद एक शरणार्थी शिविर में रहती हैं।
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लापता उन्होंने बीबीसी को बताया कि उनके पति गिरफ्तारी के अगले ही दिन गायब हो गए जब उन्हें एक अस्पताल ले जाया जा रहा था। अख्तर का कहना था कि उनके पति को जब गिरफ्तार किया गया, उस वक्त वो मोटर साइकिल से मुज़फ़्फ़राबाद लौट रहे थे।
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बीबीसी के साथ बातचीत में शाहनाज़ अख़्तर ने कहा, “मेरे पति के एक दोस्त ने मुझे फोन पर बताया कि मेरे पति को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मैं उन्हें देखने अस्पताल गई लेकिन वहां सादे कपड़ों में मौजूद कुछ लोगों ने हमें रोक लिया और बात करने से रोक दिया। बाद में मुझे वॉर्ड से ज़बरन बाहर कर दिया गया।”

अख्तर बताती हैं कि अगले दिन जब वो दोबारा अपने पति से मिलने गईं तो वो वहां नहीं थे। वो कहती हैं कि किसी ने भी मुझे उनके बारे में कुछ नहीं बताया। मुज़फ़्फ़राबाद के उपायुक्त अंसार याकूब का कहना है कि उन्हें इस बारे में कुछ पता नहीं है, इसलिए वो कोई टिप्पणी नहीं करेंगे।


दरअसल ये लोग साल 1990 में भारत प्रशासित कश्मीर से पाकिस्तान की ओर आ गए थे जब कश्मीर में अलगाववादी गतिविधियाँ अपने चरम पर थीं। खुशाल ने उसके बाद से सशस्त्र संघर्ष छोड़ दिया था। पाकिस्तान इन आरोपों का हमेशा खंडन करता रहा है कि उसकी खुफिया एजेंसियां अलगाववादियों का समर्थन करती हैं। हालांकि जानकारों का कहना है कि इस बात के पर्याप्त सुबूत हैं।

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