{"_id":"f4443804-9304-11e2-b06d-d4ae52bc57c2","slug":"imran-khan-mobile-application","type":"story","status":"publish","title_hn":"इमरान का मोबाइल ऐप रिझाएगा वोटर?","category":{"title":"Pakistan","title_hn":"पाकिस्तान","slug":"pakistan"}}
इमरान का मोबाइल ऐप रिझाएगा वोटर?
Updated Fri, 22 Mar 2013 08:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इसे सोशल मीडिया का बढ़ता असर ही कहा जा सकता है। पाकिस्तान के आम चुनावों में अपनी पार्टी के प्रचार के लिए क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान ने मोबाइल ऐप तैयार करवाया है।
विज्ञापन
इस मोबाइल ऐप की शुरुआत के बाद इमरान खान ने ट्वीट किया, “सोशल मीडिया पर मेरे लिए काम कर रहे लोगों ने पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी (पीटीआई) का आधिकारिक एंड्रॉयड एप जारी कर दिया है। हमारे लिए काम करने वाले जुनूनी लोगों पर मुझे गर्व है।”
विज्ञापन
इमरान के इस ट्वीट को ढाई सौ से ज्यादा बार रिट्वीट किया गया। पाकिस्तान की राजनीति पर नजर रखने वाले एक समीक्षक ने बताया कि इमरान की पीटीआई के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पाकिस्तान मुस्लिम लीग और पूर्व फौजी शासक जनरल परवेज मुशर्रफ भी आने वाले आम चुनाव में अपने प्रचार के लिए फेसबुक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
विज्ञापन
पाकिस्तान में फेसबुक इस्तेमाल करने वालों की संख्या 80 लाख से भी ज्यादा है और पाकिस्तान में फेसबुक सोशल मीडिया का सबसे लोकप्रिय माध्यम है।
सोशल मीडिया पर इमरान
इमरान खान के फेसबुक पेज को साढ़े छह लाख से भी अधिक लोग लाइक कर चुके हैं और इनमें 75 फीसदी 18 से 34 साल की उम्र के बीच के लोग हैं।
इसके अलावा इमरान ट्विटर और यू ट्यूब पर भी मौजूद हैं। ट्विटर पर पांच लाख से भी ज्यादा लोग उन्हें फॉलो करते हैं। इस मोबाइल ऐप को इस्तेमाल करने वाले लोग पार्टी से जुड़ी गतिविधियों की ताजा जानकारी पा सकेंगे और एसएमएस के जरिए पार्टी के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे।
इतना ही नहीं बल्कि इमरान के समर्थक इस मोबाइल ऐप के जरिए पार्टी से जुड़े रेडियो और वीडियो देख-सुन सकेंगे, पार्टी से जुड़ी खबरें पढ़ सकेंगे, ट्विटर और फेसबुक पर ताजा अपडेट पा सकेंगे।
सोशल मीडिया पर इमरान की पार्टी का मोर्चा संभालने के लिए एक टीम मुस्तैद रहती है। इस टीम की कमान पाकिस्तान में दांतों के मशहूर डॉक्टर कहे जाने वाले अवाब अल्वी के हाथों में है। अल्वी अपनी ब्लॉगिंग के लिए खासी शोहरत बटोर चुके हैं।
हालांकि इमरान के विरोधी उनके समर्थकों पर सोशल मीडिया के मंच पर गाली-गलौज वाली जुबान के इस्तेमाल का आरोप लगाते रहे हैं।
इन आरोपों का जवाब देने के लिए इमरान ने सोशल मीडिया पर पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक आचार संहिता भी जारी की है।
चुनावों पर असर
हालांकि इस बात पर बहस की जा रही है कि क्या सोशल मीडिया पर मिली लोकप्रियता चुनावी वोटों में तबदील हो सकती है।
तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी की सोशल मीडिया टीम के अल्वी कहते हैं, “सोशल मीडिया पर मशहूर होने का यह मतलब नहीं है कि आप चुनाव जीत रहे हैं।”
जाने माने लेखक गुलाम सरवर अल्वी की राय से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान के 80 लाख फेसबुक इस्तेमाल करने वाले लोग पढ़े-लिखे हैं और आने वाले आम चुनाव के नतीजों पर असर डाल सकते हैं।