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इमरान सरकार ने सीपीईसी को बताया अनुचित, जताया अपने मुल्क के नुकसान का अंदेशा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Updated Tue, 11 Sep 2018 06:01 AM IST
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इमरान खा
नवनिर्वाचित इमरान सरकार ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) को अनुचित करार दिया है। पाकिस्तान सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना पर चीन के साथ दोबारा बातचीत की योजना बना रही है।
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सरकार का कहना है कि यह करार चीन की कंपनियों को फायदा पहुंचाता है। इधर, भारत 2015 में लॉन्च 46 अरब डॉलर की लागत वाली इस परियोजना का विरोध करता रहा है क्योंकि यह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरता है।
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ब्रिटिश अखबार फाइनेंशियल टाइम्स ने पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा कि इमरान सरकार चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में अपनी भूमिका की समीक्षा करने के साथ ही इस कारोबारी समझौते पर दोबारा बातचीत करेगी।
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अखबार ने पीएम इमरान के सलाहकार अब्दुल रज्जाक दाऊद के हवाले से कहा, ‘पाकिस्तान की पिछली सरकार ने सीपीईसी पर चीन के साथ बातचीत और अपना होमवर्क ठीक तरीके से नहीं किया। जिसकी वजह से पूर्व सरकार चीन के साथ इस समझौते पर सही तरीके से वार्ता नहीं कर सकी। इसका नतीजा यह हुआ है कि पाकिस्तान को घाटा हुआ और हमें चीन को काफी कुछ देना पड़ा।’
दाऊद ने कहा, ‘चीनी कंपनियों को कई तरह की टैक्स छूट मिली और उन्हें पाकिस्तान में अनावश्यक लाभ हो रहा है। यह एक ऐसी चीज है जिसकी तरफ हम देख रहे हैं क्योंकि पाकिस्तानी कंपनियों को नुकसान पहुंचने देना उचित नहीं होगा। मुझे लगता है कि एक साल तक के लिए हमें सारी चीजों को रोक देना चाहिए ताकि हम चीजों को ठीक तरीके से आगे ले जा सकें।’ (इनपुटः एजेंसी)