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पाक ने दी 324 बेकसूर लोगों को मौत की सजा, 8 हजार और लाइन में
एजेंसी/ इस्लामाबाद
Updated Sun, 16 Oct 2016 03:21 AM IST
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- फोटो : demo pic
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पाकिस्तानी सेना पर लग रहे बर्बरता के आरोपों के बीच पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट ने भी पाक सेना की पोल खोल दी है। रिपोर्ट के मुताबिक 324 ऐसे लोगों को मौत की सजा दे दी गई, जिनका आतंकवाद से कोई नाता नहीं था। इसके अलावा 8000 कैदी मौत के इंतजार में हैं।
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को सौंपी वर्ष 2015 की अपनी रिपोर्ट में पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग (एचआरसीपीसी) ने बलूचिस्तान को लेकर भी चिंता जताई गई है। आयोग ने कहा कि जबरन गायब किए जाने के 1390 मामले कमिशन ऑफ इन्क्वायरी के सामने पेंडिंग हैं।
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इनमें से कम से कम 151 मामले बलूचिस्तान के हैं, जो 2015 में जनवरी से नवंबर के बीच दर्ज किए गए। साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पाकिस्तान की नई आतंकरोधी रणनीति में जबरन गायब किए जाने के मामलों में इजाफा हुआ है। खासकर बलूचिस्तान प्रांत में।
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2014 के अंत तक लागू किए गए प्रोटेक्शन ऑफ पाकिस्तान ऐक्ट (पीपीए) ने स्थिति को और बदतर कर दिया। पीपीए ने सुरक्षा बलों को यह अधिकार दे दिया कि किसी संदिग्ध को 90 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है। हिरासत में लिए जाने के लिए परिवार को बताने या जरूरी प्रक्रिया के पालन की भी जरूरत नहीं है।