हिजबुल कमांडर सलाउद्दीन ने पाक सरकार से कहा- सैन्य मदद दो, कश्मीर लो
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पाकिस्तान के आतंकियों को समर्थन न देने के दावों की उन्हीं के समर्थन से पनपे हिजबुल मुजाहिदीन चीफ सलाउद्दीन ने हवा निकाल दी है। पाकिस्तान के ये दावे कि वह अपनी धरती से आतंकियों को कभी पनपने नहीं देगा कितने खोखले हैं, इसका अंदाजा वहां की जमीन से भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले आतंकी संगठनों के आकाओं के बयान से पता चलता है।
भारत में कई आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड हिजबुल चीफ सैयद सलाउद्दीन ने पाक सरकार से अपील की कि वह कश्मीर में आतंकियों को सैन्य मदद दे ताकि जम्मू-कश्मीर को भारत से आजाद कराने का सपना पूरा हो सके।
पाकिस्तान के डॉन अखबार के अनुसार, सलाउद्दीन ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कश्मीर का मुद्दा बातचीत या समझौतों से नहीं हल होने जा रहा। पाकिस्तान कश्मीरी लोगों को सैन्य मदद देने के लिए मुजाहिदीनों को संसाधन मुहैया कराए। अगर उन्हें सैन्य सहयोग मिलेगा तो न केवल कश्मीर को आजादी मिलेगी, बल्कि उप महाद्वीप का नक्शा भी बदल जाएगा। हालांकि, सलाउद्दीन ने यह नहीं बताया कि वह किस तरह के सैन्य सहयोग की बात कह रहा है?
'कश्मीर में आर्थिक आतंकवाद फैला रही भारत सरकार'
हिजबुल चीफ ने दावा किया कि भारत ने अपनी सेना के दम पर कश्मीर पर कब्जा कर लिया और इस सैन्य दखल को राजनीति या डिप्लोमेसी के जरिए नहीं खत्म किया जा सकता। सलाउद्दीन ने यह भी दावा किया कि बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में लोगों का आंदोलन परवान चढ़ा है।
गौरतलब है कि इस साल आठ जुलाई को भारतीय सुरक्षाबलों से मुठभेड़ में हिजबुल कमांडर बुरहान वानी मारा गया था। उसकी मौत के बाद से कश्मीर में बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। कश्मीर में भारतीय सुरक्षाबलों द्वारा ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए सलाउद्दीन ने कहा, 'दुनिया हमारी ओर कोई ध्यान नहीं दे रही।
ऐसे में एकमात्र विकल्प सशस्त्र संघर्ष ही बचता है।' उसने आरोप लगाया कि भारत सरकार कश्मीर में 'आर्थिक आतंकवाद' के जरिए आम जनता पर दबाव बना रही है ताकि वे अपने संघर्ष को छोड़ दें।