जब भगवान शिव के 'रूप' में दिखे इमरान खान, पाकिस्तान में मचा तांडव
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भगवान शंकर की तस्वीर में पूर्व क्रिकेटर और राजनेता इमरान खान का चेहरा, पाकिस्तान में ये मामला तूल पकड़ता दिख रहा है। पाकिस्तानी संसद के अध्यक्ष ने पीटीआई (पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी) के अध्यक्ष इमरान खान को हिंदू देवता के रूप में पेश किए जाने के मामले की जाँच संघीय जांच एजेंसी (एफआईए) को सौंप दी है।
बुधवार को पाकिस्तानी संसद की कार्यवाही के दौरान प्रमुख विपक्षी पार्टी पीपीपी (पाकिस्तान पीपल्स पार्टी) के एक सदस्य रमेश लाल ने कहा कि सत्ताधारी मुस्लिम लीग (नवाज) के कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर इमरान खान की एक तस्वीर पोस्ट की है जिसमें उन्हें हिंदुओं के देवता शिव के रूप में दिखाया गया है।
संसद अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक ने गृह मंत्री तलाल चौधरी से कहा है कि इस मामले की रिपोर्ट जल्द से जल्द संसद में पेश की जाए।
If we are equal citizen in pakistan so what is this ? This is not in islam that. We want to take action against this. We are Pakistanis but first we are hindu. I requested to @AsimBajwaISPR @MaryamNSharif @ImranKhanPTI to take action ageist this facebook page pic.twitter.com/eQBEMHe3O1
विज्ञापन विज्ञापन— Kaidar Nath (@NathKAidar) April 11, 2018
हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं
रमेश लाल ने कहा कि इमरान खान के विरोध में सत्ताधारी पार्टी के लोगों ने दरअसल हिंदुओं की धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाया है। उनका कहना था कि संविधान में ये साफ तौर पर लिखा हुआ है कि किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावना को ठेस नहीं पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पार्टी के कई कार्यकर्ता और पार्टी की सोशल मीडिया सेल के लोग ऐसे काम में संलिप्त हैं जिससे दूसरे धर्म के लोगों की भावनाएं आहत होती हैं। रमेश लाल ने मांग की कि इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उसी तरह सख्त कार्रवाई की जाए जिस तरह से मुसलमानों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वालों के खिलाफ की जाती है। संसद अध्यक्ष ने इस पर फौरन कार्रवाई करते हुए मामले को एफआईए के साइबर सेल को भिजवा दिया।
पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट भी हिंदुओं के धार्मिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित कराने के लिए पिछले कुछ दिनों से सक्रिय दिखाई देती है। पंजाब प्रांत के चकवाल इलाके में कटासराज मंदिर की खस्ताहालत को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था और हिंदुओं के इस पवित्र स्थल की देखभाल के लिए कई कदम उठाए थे।