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पाकिस्तानी बिजनेसमैन बोले- फ्रेंडशिप हाइवे से केवल चीन को होगा फायदा
amarujala.com- Presented by: अभिषेक तिवारी
Updated Wed, 02 Aug 2017 07:06 PM IST
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Pak- China friendship Highway
- फोटो : The Dawn
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पाकिस्तान- चाइना फेंडशिप के बीच बना हाईवे केवल चीन की ग्रोथ के लिए फायदेमंद है। इस हाइवे से पाकिस्तान को कोई लाभ नहीं होगा। बता दें कि व्यवसाय कार्य के लिए बने इस हाईवे को बनाने में चीनी कंपनी चाइना रेलवे कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ने 1.46 अरब डॉलर यानी करीब 9,746 करोड़ रुपये में ठेका लिया था। हालांकि चीनी कंपनी ने पाकिस्तान की एक कंपनी के साथ साझेदारी करके इसके निर्माण का कॉन्ट्रैक्ट लिया था।
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इस हाईवे के बारे में काफी सारे पाकिस्तानी बिजनेसमेन का कहना है कि इससे चाइना को व्यापारिक लाभ होगा। उनका मानना है कि यह केवल वनवे स्ट्रीट है। एक पाक बिजनेसमेन ने कहा कि यह केवल चाइना की ग्रोथ के लिए है इससे पाकिस्तान को कोई फायदा नहीं है। इससे पाकिस्तान के बिजनेसमेन के सपनों को झटका लगा है।
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यह पाकिस्तान के लिए केवल एक तरह से सड़क है। मामले में पाकिस्तानी व्यवसायी मुराद शाह ने कहा कि उन्होंने ताशकुरग्न में उसने अपनी दुकान को पर्वत पार के 120 किलोमीटर की दूरी पर रखा था, जहां पर चीन के विशाल झिंजियांग क्षेत्र और पाकिस्तान के बीच भारी अंतर की वहज से पाकिस्तान के लिए कोई फायदा नहीं है। यह केवल चीन के विकास के लिए बना है। इससे चीन अपना सामान आसानी से मध्य पूर्व और यूरोप तक पहुंचा सकता है।
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यह हाईवे दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत और सीमा पार से कश्गर से दूर पश्चिमी चीनी शहर से 1300 किलोमीटर लंबी दूरी तक फैला है। मालूम हो कि पाक -चीन को अपना काराबोरी, कूटनीतिक और सुरक्षा संबंधों का मित्र मानता है लेकिन यह हाईवे पाकिस्तान के लिए एक झटका है, क्योंकि इससे केवल चीन को फायदा होगा।
गौरतलब है कि यह परियोजना चीन के वन बेल्ट, वन रोड़ (ओबोर) की पहल पर बना है। यह दुनिया भर के नए बाजारों से चीनी कंपनियों के जुड़ने के लिए वैश्विक बुनियादी ढांचा है। 2013 में बीजिंग और इस्लामाबाद के बीच 46 अरब डॉलर के समझौते पर कॉरिडोर के साथ परिवहन और ऊर्जा बुनियादी ढांचे के निर्माण पर हस्ताक्षर किया गया था।