'कश्मीरी आतंकियों का समर्थन बंद करे सरकार'
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पाकिस्तानी संसद के एक पैनल ने सरकार से कहा है कि अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को दूर करने के लिए वह कश्मीरी आतंकियों को प्रोत्साहित करने वाले समर्थन से बचे और वहां पर हमले में शामिल आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई करे। नेशनल असेंबली की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने सोमवार को कश्मीर को लेकर चार पृष्ठों का एक नीतिगत दस्तावेज जारी किया।
समाचार पत्र एक्सप्रेस ट्रिब्यून में इस बारे में छपी खबर में कहा गया है कि पाकिस्तान की सरकार को कश्मीर में प्रतिबंधित हथियारबंद आतंकी संगठनों को सक्रिय समर्थन देना बंद कर देना चाहिए। इस समिति ने भारत-पाक के रिश्तों को लेकर कई नीतिगत सुझाव दिए हैं।
सत्ताधारी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज के सांसद अवैस अहमद लेघारी के नेतृत्व वाली समिति ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ पाकिस्तान की ओर से कार्रवाई नहीं करने को लेकर व्याप्त अंतरराष्ट्रीय चिंताओं को दूर करने के लिए हिंसा में लिप्त संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करे।
पाक नीति चार सिद्धांतों पर आधारित
इस पैनल ने सुझाव दिया है कि भारत को लेकर पाकिस्तान की नीति चार मुख्य सिद्धांतों- आदान-प्रदान, तनाव में कमी, बहाली और परिणाम पर आधारित होनी चाहिए।
इसमें कहा गया है कि पाकिस्तान को सभी बकाया मुद्दों पर भारत के साथ समग्र वार्ता शुरू करनी चाहिए। ऐसी स्थिति के अभाव में सरकार को भारत के साथ कश्मीर, पानी, व्यापार, संस्कृति और संचार के मसले पर बातचीत करनी चाहिए।
कश्मीर के मसले पर पैनल ने सुझाव दिया है कि पाकिस्तान हमेशा से कहता रहा है कि दोनों देशों के बीच विवाद को खत्म करने के लिए कश्मीर सबसे अहम मुद्दा है। उसे कश्मीरियों का ठोस कूटनीतिक और नैतिक समर्थन करना चाहिए।